शामली में मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल वेंकटेश्वर लू ने कहा कि इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वीवी पैट बेहद सुरक्षित प्रणाली है। इसमें पारदर्शी रूप से मतदान होता है। मतदाताओं को किसी प्रकार के भ्रम में आने की जरूरत नहीं है। क्योंकि मतदान से लेकर मतगणना तक चार स्तर पर राजनीतिक लोगों की मौजूदगी में ईवीएम की जांच होती है।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में पत्रकारों से बातचीत में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि ईवीएम के बारे में भ्रम फैलाने वाले गलत हैं। ईवीएम में किसी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका नहीं है, क्योंकि मशीनें मैकेनिक हैं, जिसमें मशीन को हैक करने जैसा कोई प्रोग्राम (सॉफ्टवेयर) इस्तेमाल नहीं होता है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि दंगा विस्थापित परिवार वर्तमान में जहां रहते हैं, उसी क्षेत्र के मतदान केंद्र पर मतदान करेंगे। जिला स्तर पर ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को डराने या धमकाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। यदि कहीं से ऐसी सूचना मिलेगी कि मतदाता को डराया जा रहा है या प्रलोभन दिया जा रहा है, तो आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इसके लिए मतदान केंद्रों पर वीडियोग्राफी कराई जाएगी तथा सीसीटीवी भी लगवाए जाएंगे। संवेदनशील इलाकों में शरारती तत्वों के खिलाफ मुचलका पाबंद की कार्रवाई होगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि उपचुनाव में मतदान प्रतिशत जागरूकता से बढ़ेगा। मतदान में महिलाओं का प्रतिशत बढ़ाने के लिए भी जागरूकता जरूरी है।
स्वीप से जुड़े लोग निभाएं अपनी जिम्मेदारी
शामली। मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल वेंकटेश्वर लू ने सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता (स्वीप) कार्यक्रम से जुड़े लोगों से आह्वान किया कि निर्वाचन प्रक्रिया में मतदाताओं की सहभागिता बढ़ाने में अपना सहयोग दें। कार्यक्रम के जिला कोआर्डिनेटर अजय बाबू शर्मा ने जिले में स्वीप के तहत हुए कार्यक्रमों के बारे में बताया। वहीं, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतनेश सिंह ने बताया कि केंद्रीय चुनाव आयोग के निर्देश पर स्कूलों में मतदाता साक्षर समितियों का गठन किया जाए। ताकि बच्चों को मतदान प्रक्रिया और ईवीएम के बारे में जानकारी रहे। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों प्रदेश के 12 अफसरों को दिल्ली में निर्वाचन के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया, जो अब मंडल स्तर पर शुरू कराया जाएगा। प्रत्येक जिले से एक अधिकारी को प्रशिक्षण मिलेगा, जो अपने जिले में प्रशिक्षण देंगे। इसके साथ ही बीएलओ, गांव के पांच संभ्रांत लोग, वकील और अन्य वर्ग के लोगों की समिति बनाई जाएगी, जिसके जरिये गांव स्तर पर चुनावी पाठशाला शुरू की जाएंगी। ताकि प्रत्येक व्यक्ति को निर्वाचन के संबंध में जागरूक किया जा सके। इस दौरान जिले भर के विद्यालयों के प्रधानाचार्य, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बिजेंद्र कुमार, अधिवक्ता प्रदीप पंवार, सतेंद्र धीरयान आदि मौजूद रहे।