हिंड गांव में छात्रों के शवों को उठाने का विरोध करते ग्रामीण।
थानाभवन (शामली)। हिंड गांव में दो छात्रों की अपहरण के बाद हत्या का पता लगने पर आसपास के ग्रामीणों में भी आक्रोश फैल गया। सूचना मिलते ही हिंड के अलावा आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। शवों की हालत देखकर हर किसी में गुस्सा था। हर कोई आरोपियों की पहचान कर उनको फांसी की सजा की मांग कर रहा था।
गुस्साए ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक हंगामा किया। यही नहीं पुलिस से भी ग्रामीणों की नोकझोंक हुई। ग्रामीण मौके पर ही आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे। सूचना पर एसपी अभिषेक, सीओ, विधायक अशरफ अली मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया मगर वह नहीं माने। बाद में एसपी ने जल्द मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया। पुलिसकर्मी जैसे ही दोनों शवों को गाड़ी में डालकर ले जाने लगी तो कुछ ग्रामीण गाड़ी के पीछे भाग लिए। एसपी ने फिर से लोगों को संभाला। मृतक छात्र वीशू और खालिक के शव को पोस्टमार्टम के लिए शामली भेजा गया। पूर्व विधायक राव वारिश ने भी परिजनों को सांत्वना दी और पुलिस से जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने की मांग।
मुंशी ने दी शवों की सूचना
मृतक खालिक के ताऊ मो. अली ने बताया कि सोमवार की शाम से ही वह खालिक और वीशू को तलाश कर रहे थे, मगर उनका कोई पता नहीं लग पा रहा था। ईंट भट्ठे के मुंशी ने भट्ठे के लदान में शवों के पड़े होने की सूचना दी।
किसी भी रंजिश से इंकार
मृतक छात्र खालिक के पिता आजिब ने रोते हुए बताया कि वह ग्राम सिक्का में एक पेपर मिल में छह हजार रुपये माह पर मजदूरी करता है। उसके चार लड़के व तीन लड़कियां है। किसी से भी रंजिश से इनकार किया। इसके अलावा वीशू के पिता रोहताश ने भी गांव में किसी से रंजिश होने की बात से इनकार किया है। वह स्कूल में चपरासी की नौकरी करते हैं।
कहीं रुपयों को लेकर हुए विवाद में तो नहीं की गई हत्या
ग्रामीणों ने बताया कि रविवार को ही खालिक को सड़क पर 100 रुपये पड़े मिले थे। जिनको लेकर गांव के ही एक बच्चे से खालिक की कहासुनी हो गई थी। हालांकि पुलिस ने मामला शांत करा दिया था। पुलिस इस एंगल पर भी जांच में जुटी है कि कहीं इसी झगड़े के कारण तो दोनों छात्रों की हत्या नहीं की गई।