झिंझाना। झिंझाना क्षेत्र के गांव अगड़ीपुर में करीब 20 साल पहले मोबाइल सेवा शुरू हुई थी तब से आज तक घर के अंदर बैठकर नेटवर्क नहीं आते। लोगों को अपने रिश्तेदारों, मित्रों से बात करने के लिए छत के ऊपर जाना पड़ता है।
यह गांव मेरठ-करनाल हाईवे से मात्र एक किलोमीटर दूर है। ग्रामीणों ने मोबाइल कंपनियों के अधिकारियों के पास भी शिकायत दर्ज कराई, मगर किसी भी कंपनी का कोई कर्मचारी अभी तक गांव का सर्वे करने नहीं पहुंचा। झिंझाना क्षेत्र के गांव अगड़ीपुर में दो दशक बीत जाने के बाद भी घर के अंदर बैठकर मोबाइल पर बात नहीं हो पाती है। बात करने के लिए ग्रामीणों को छत के की दो या तीन मंजिल पर चढ़ना पड़ता है, तब जाकर अपनों से संपर्क करते हैं।
गांव निवासी अंकुर कश्यप का कहना है कि गांव में मोबाइल की रेंज न होने से सभी ग्राम वासियों को अपनों से संपर्क करने में बड़ी दिक्कत है। कई बार आपातकाल में संपर्क न होना कष्टदायक बन जाता है।
रोहित और शिवाली का कहना है कि गांव अगड़ीपुर में आज भी लोग पुराने जमाने में जी रहे हैं। बरसों बीत जाने के बाद भी मोबाइल की रेंज नहीं है। घरों की छतों पर चढ़कर संपर्क करना पड़ता है।
अक्षय का कहना है कि इस डिजिटल युग में भी हम बरसों पीछे चल रहे हैं। मोबाइल कंपनी के लोगों को भी गांव में रेंज के बारे में अवगत कराया, लेकिन सिर्फ आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।
डॉ़ मोहित का कहना है कि रिश्तेदारों से बात करने के लिए एक समय तय करना होता है कि किस समय बात करनी है, उसी समय छत पर जाकर बात करते हैं। इमरजेंसी में हम लोग तो छत पर जाकर सूचना दे देते हैं, लेकिन दूसरी ओर से ऐसी स्थिति में ग्रामीणों से संपर्क नहीं हो पता है।
इन्होंने कहा...
बीएसएनएल और अन्य कंपनियों के अधिकारियों को नेटवर्क के लिए पत्र लिखा जाएगा। प्रयास रहेगा कि ग्रामीणों को किसी भी तरह की समस्या नहीं होने दी जाए।
संतोष कुमार सिंह, एडीएम शामली