शामलीजलालाबाद। 15 दिन पहले हुई गाली गलौज का बदला लेने के लिए एक युवक ने अपने साथी के साथ मिलकर दोस्त मारुखेड़ी गांव के चौकीदार ऋषभ की गोली मारकर हत्या की थी। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए आरोपी समेत दो को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी रामसेवक गौतम ने बताया कि क्षेत्र के गांव मारूखेड़ी निवासी ऋषभ उर्फ टप्पू (26) पुत्र योगेंद्र हसनपुर लुहारी गांव की सहकारी समिति में चौकीदार था। मंगलवार सुबह ऋषभ की लाश समिति के कमरे में पड़ी मिली थी। पुलिस जांच में पता चला कि किसी ने ऋषभ कके सीने में गोली मारकर हत्या की है। घटना के विरोध में परिजनों ने ऋषभ के शव को कादरगढ़ स्थित थानाभवन-चरथावल मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया था।
मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक राम सेवक गौतम ने जल्द घटना का खुलासा करने का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया था। इसके बाद एसपी ने पुलिस की एसओजी सहित पांच टीम बनाकर घटना के खुलासे में लगा दी थी।
जांच के बाद पुलिस ने घटना के दोनों आरोपियों काका उर्फ़ अनुराग निवासी मोहल्ला खेल व रमन निवासी मोहल्ला हाफ़िजदोस्त थानाभवन को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पुलिस ने उनके पास से एक तमंचा, एक खोका व दो कारतूस बरामद कर लिए हैं।
एसपी के अनुसार, पूछताछ में काका ने बताया की उसकी ऋषभ से पिछले पांच-छह महीने से दोस्ती थी। वह अक्सर ऋषभ से मिलने सहकारी समिति व कादरगढ़ स्थित उसकी दुकान पर मिलने जाता रहता था। बताया कि 15 दिन पहले जब वह ऋषभ से मिलने कादरगढ़ स्थित उसकी दुकान पर गया तो बातों-बातों में ऋषभ ने उसे गाली दे दी। इस बात का उसे काफी बुरा लगा। थानाभवन आकर उसने यह बात अपने दोस्त रमन पुत्र मुकेश को बताई। दोनों ने इस अपमान का बदला लेने का फैसला लिया और ऋषभ को जान मारने की योजना बनाई।
उसने जानकारी जुटाई कि 16 तारीख को ऋषभ सहकारी समिति पर आया हुआ है। इसके बाद रात में वे दोनों मोटरसाइकिल से पहुंचे। बाइक को समिति के पास बाग के समीप खड़ा कर दिया। उस समय ऋषभ अंदर कमरे में सोया हुआ था। रमन बाहर खड़ा हो गया और काका ने ऋषभ का दरवाजा खटखटाया। जैसे ही ऋषभ ने दरवाजा खोला तो उसने ऋषभ के सीने में गोली मार दी। इसके बाद वह दीवार से कूद कर वापस थानाभवन अपने घर चले गए। पुलिस ने दोनों आरोपियों का चालान कर जेल भेज दिया।।
- हत्या के बाद आरोपियों ने की थी दावत
आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि हत्याकांड को अंजाम देने के बाद उन्होंने जाकर दावत की थी। बीयर से लेकर खाना खाया। यही नहीं, पकड़े जाने के डर से वे मृतक के घर पर नहीं पहुंचे थे।
- सीसीटीवी से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
घटनास्थल के पास ही लगे सीसीटीवी में आरोपी कैद हो गए थे, जो उन्हें पकड़ने का आधार बने। सीसीटीवी के माध्यम से पुलिस आरोपियों तक पहुंची। एसपी ने 24 घंटे के अंदर ही खुलासा करने वाली टीम को पुरस्कृत करने की बात कही है।