संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। खेड़ीकरमू बिजलीघर पर अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में सोमवार को कर्मचारियों ने धरना दिया। उन्होंने केंद्र सरकार के इलेक्ट्रिसिटी अमंडमेंट बिल 2022 का विरोध करते हुए जन विरोधी और कर्मचारी विरोधी बताया। उधर, किसान यूनियन के कार्यकर्ता बिजली कर्मचारियों के धरने में शामिल हुए।
खेड़ीकरमू बिजलीघर में अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वावधान में कर्मचारियों ने धरना दिया। यह धरना केंद्र सरकार के इलेक्ट्रिसिटी अमंडमेंट बिल 2022 के विरोध में दिया गया। कर्मचारियों ने इसे जनविरोधी व कर्मचारी विरोधी बताया। इस अवसर पर रामकुमार, उदयप्रताप, निशांत त्यागी, सौरभ कुमार, ओमप्रकाश, रवि कुमार, सत्येंद्र सिंह, गौरव कुमार, कुलदीप शर्मा, तरुण कुमार, अवधेश, ब्रजेश, जुगेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
इस दौरान किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक के नेतृत्व में कार्यकर्ता बिजली कर्मचारियों के धरने में शामिल हुए। इस दौरान किसान नेताओं ने कहा कि किसानों की सलाह लिए बिना बिजली बिल 2022 के नाम से संसद के पटल पर विचार न किया जाए। विद्युत निगम का निजीकरण करने का विरोध, किसानों के नलकूपों पर बिजली का मीटर न लगाए जाने, किसानों को मुफ्त बिजली देने का सरकार वादा पूरा करे।