शामली। ईद-उल-अजहा के मौके पर पिछले साल की तरह इस बार भी ईदगाहों पर पुलिस का पहरा रहा। ईदगाहों पर केवल कमेटी की सदस्यों ने ही नमाज अदा की। इसके बाद शामली ईदगाह के गेट पर ताला लगा दिया गया। जो लोग नमाज अदा करने पहुंचे उन्हें पुलिस ने वापस भेज दिया। ईद की नमाज केवल घरों और मस्जिदों में ही अदा की गई। नमाज के दौरान देश में अमन-चैन और कोरोना महामारी के खात्मे के लिए दुआ की गई।
सुबह साढ़े छह बजे फव्वारा चौक और दिल्ली रोड स्थित मस्जिद के साथ ही शहर की अन्य मस्जिदों में भी नमाज अदा की गई। मस्जिदों में भी 50 से ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं हुए। इसलिए ज्यादातर लोगों ने अपने घरों पर ही नमाज अदा की। कैराना रोड स्थित ईदगाह पर सुबह केवल कमेटी के सदस्यों ने ही नमाज अदा की। इनके अलावा भी कुछ लोगों ने ईदगाह पर पहुंचकर नमाज अदा करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें वापस भेज दिया। बाद में ईदगाह के गेट पर ताला डाल दिया गया।
उधर, कैराना में केवल मस्जिदों में 50 लोगों के साथ ही नमाज अदा की गई। त्योहार शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए बाजारों एवं संवेदनशील स्थानों पर पुलिस तैनात रही। नमाज के बाद कुर्बानी की गई। वहीं, चौसाना जिजौला, बल्लामाजरा, खोड़समा, गढ़ी हसनपुर व भड़ी भरतपुर की मस्जिदों में लोगों ने सुबह साढ़े छह से 10 बजे तक अलग-अलग समय पर नमाज अदा की। ईद-उल-अजहा को लेकर बच्चों में उत्साह देखने को मिला।
उधर, जलालाबाद और क्षेत्र के गांवों में ईद का त्योहार सादगी से मनाया गया। मस्जिदों में नमाज अदा की और एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। नगर पंचायत के सफाई कर्मचारी व प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुबह दस बजे डीएम जसजीत कौर, एसपी सुकीर्ति माधव ने नगर में पहुंचकर निरीक्षण किया।
वहीं, झिंझाना में ईदगाह पर सुबह से ही पुलिस का पहरा रहा। झिंझाना, मंसूरा, टपराना ईदगाह सुनसान पड़े रहे। ऊन एसडीएम मणि अरोरा, थाना प्रभारी निरीक्षक श्यामबीर सिंह मय फोर्स के क्षेत्र में गश्त पर रहे। कस्बे के मोहल्ला तलाही के मदरसा नूरिया इस्लामिया के सदर हाफिज वकीलुर्रहमान ने बताया कि नमाज के बाद कुर्बानी की गई। एसडीएम ने बताया कि पूरे क्षेत्र में ईद की नमाज शांतिपूर्वक संपन्न हो गई है। उधर, थानाभवन कस्बे के सभी मुस्लिम समाज के लोगों ने शासन की गाइड लाइन का पालन करते हुए कुर्बानी बंद जगहों पर की।
ामली मस्जिद में नमाज पढते मुस्लिम समाज के लोग- फोटो : SHAMLI