- संचालक मनमाने वसूल रहे रुपये, जिला विद्यालय निरीक्षक मौन, लगातार बढ़ रहे अवैध कोचिंग सेंटर
- पंजीकृत सेंटरों पर भी नियमों की हो रही है अनदेखी, जनपद में मात्र 25 कोचिंग सेंटर का है पंजीकरण
दीपक गुप्ता
शामली। जनपद में शिक्षा विभाग के आशीर्वाद से अवैध कोचिंग सेंटरों का धंधा काफी तेजी से चल रहा है और वहां छात्रों के भविष्य को निखारा जा रहा है। ऐसे में शिक्षा विभाग अवैध कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई करना तो दूर वह वहां जाकर यह भी नहीं देखते है कि वहां नियमों का पालन भी किया जा रहा है या नहीं। जिला विद्यालय निरीक्षक के मौन धारण के कारण छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है और उनसे मनमानी फीस वसूली जा रही है।
शासन ने कोचिंग सेंटराें के खोलने के लिए नियम लागू कर रखे है और यदि कोई कोचिंग सेंटर चलाता है तो उसको जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में पंजीकरण कराना होता है। साथ ही उसकी एजूकेशन पोस्ट ग्रेजूएट, बीएड, एमएससी, एमए होनी जरूरी है। जिस विषय की कोचिंग दी जाती है उस विषय में पोस्ट ग्रेजुएट होना जरूरी होता है, लेकिन यहां कोई भी नियमों का पालन तक नहीं कर रहा है। जनपद में करीब 150 अवैध कोचिंग सेंटरों पर छात्र-छात्राओं को कोचिंग दी जा रही है और उनका पंजीकरण तक नहीं है। ऐसे में छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। शिक्षा विभाग पूरी तरह से मौन बैठा है। संचालक बिना रजिस्ट्रेशन कराए ही कोचिंग चला रहे हैं।
पूर्व में हुई शिकायत, नोटिस देकर खानापूर्ति
दो माह पहले भी एक व्यक्ति ने अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटर व मनमानी फीस वसूलने की शिकायत की थी, लेकिन डीआईओएस कार्यालय से सिर्फ नोटिस देकर खानापूर्ति की गई थी। उसके बाद स्टाफ शांत बैठ गया था। किसी भी संचालक पर आज तक कार्रवाई नहीं की गई है। इनके संचालन में बड़े स्तर पर खेल किया जा रहा है।
25 का पंजीकरण, इनमें भी नियमों की अनदेखी
जनपद में देखा जाए तो शिक्षा विभाग में मात्र 25 कोचिंग सेंटरों का पंजीकरण है और इनमें अधिकतर में नियमों की अनदेखी तक की जा रही है। यहां भी कई संचालक नियमों का पालन तक नहीं कर रहे है। कई में तो सीसीटीवी कैमरे तक नहीं है। साथ ही अग्निशमन यंत्र व कितने क्षेत्रफल में कमरा होना चाहिए वह भी नहीं है।
800 से 1500 तक वसूले जा रहे रुपये
संचालकों की मनमानी छात्र-छात्राओं को भारी पड़ रही है। गणित, साइंस व अन्य महत्वपूर्ण विषयों को पढ़ाने के लिए संचालक 800 से 1500 रुपये वसूल रहे हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। मनमाने तरीके से वसूली किए जाने के सवाल पर संचालक कोई भी बोलने से इंकार कर रहे हैं।
वर्जन....
जनपद में अवैध कोचिंग सेंटरों की जांच करने के लिए टीम का गठन किया जाएगा। यहां जो अवैध मिलेंगे उनको नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी। पूर्व में आई शिकायतों के बाद नोटिस जारी किया गया था। यदि कोई पंजीकरण नहीं कराता है तो उनपर सख्ती से कार्रवाई होगी। - जे. एस शाक्य जिला विद्यालय निरीक्षक शामली