शामली। गन्ना समिति कार्यालय में ड्रिप सिंचाई योजना के तहत सोमवार को किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। किसानों को समझाया कि बूंद बूंद पानी से सिंचाई करना गन्ने की फसल में लाभदायक होता है, जबकि अत्यधिक पानी भरने से फसल को नुकसान होता है।
प्रशिक्षण के दौरान इंजीनियर मनोज जैन ने बताया कि ड्रिप सिंचाई में एक हेक्टेयर भूमि में फसल की लागत 1.15 लाख रुपये है, जिसमें 90 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. अनिल भारती ने बताया कि यह तकनीक बहुत उपयोगी है। इसके लिए जल्द ही खेतों का सर्वे करा लिया जाएगा।
सहारनपुर से आए उप गन्ना आयुक्त डॉ. सतेंद्र कुमार ने शामली जिले के िकसानों को पैदावार बढ़ाने के लिए बधाई दी। इसके साथ ही डि्रप सिंचाई की उपयोगिता बताई। शामली के प्रगतिशील किसान सतपाल सिंह पहलवान ने कहा कि चीनी मिल में मृदा परीक्षण प्रयोगशाला होनी चाहिए, ताकि नजदीक ही मिट्टी का परीक्षण करा सकें। कृषक ब्रजेश कुमार ने कहा कि चीनी मिल में मिट्टी पलट डिस्क प्लांट खराब पड़े हैं, उन्हें ठीक कराया जाए। ग्राम फतेहपुर के कृषक हरेंद्र कुमार ने गन्ना पर्चियों की समस्या से अवगत कराया।
चीनी मिल की ओर से महाप्रबंधक (केन) आरएस सहरावत ने कृषकों को बताया कि मृदा परीक्षण लैब के लिए मिल प्रबंधन से बात की जाएगी। इस दौरान गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन वीर सिंह मलिक, गन्ना संघ के डायरेक्टर लवली मलिक, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक उपेंद्र कुमार सिंह, अरुण कुमार, बेगराज सिंह, कृषक जगमेर सिंह, राकेश कुमार, सत्यप्रकाश, अरुण, सतेंद्र, कोशलेंद्र, अजय निर्वाल आदि रहे।