शामली। नगरपालिका परिषद शामली में पांच करोड़ रुपये से अधिक के सड़क और डिवाइडर निर्माण कार्यों के निकाले गए ई-टेंडर विवादों में फंस गए हैं। टेंडर की संशोधन सूचना में नियमों का पालन नहीं नहीं किया गया और गुपचुप तरीके से वेबसाइट पर डाल दी गई। ठेकेदारों ने नगर पालिकाध्यक्ष और डीएम को इस मामले की शिकायत करते हुए टेंडर निरस्त करने की मांग की है।
नगरपालिका परिषद ने पांच करोड़ 50 हजार 686 रुपये की अनुमानित लागत के टेंडर पिछले महीने 13 मई को निकाले थे। इस बजट से शहर में अलग-अलग स्थानों पर सड़क और डिवाइडर निर्माण के पांच विकास कार्य कराए जाने प्रस्तावित है। टेंडर दाखिल करने की अंतिम तिथि चार जून और खोले जाने की तिथि पांच जून तय की गई। टेंडर निकालने के दो दिन बाद 15 मई को पालिका के अधिशासी अधिकारी की तरफ से ई-टेंडर संशोधित सूचना जारी करते हुए नियम व शर्तें बढ़ाई गई।
पालिका के पंजीकृत निर्माण कंपनी के अधिकृत ठेकेदार संजीव शर्मा समेत कई ठेकेदारों का आरोप है कि ई-टेंडर की संशोधित सूचना न तो सार्वजनिक की गई और न ही पालिका के नोटिस बोर्ड पर चस्पा की गई।
संशोधित सूचना में जो शर्तें लगाई गई है, उन्हें पूरा करने में काफी समय की जरूरत है। साथ ही कई शर्तें तथ्यपूर्ण नहीं है। ठेकेदारों का कहना है कि इसकी जानकारी उन्हें उस समय हुई जब उन्होंने ऑनलाइन टेंडर डालना चाहा। उनका कहना है कि नियमानुसार जिस तरह ई-टेंडर की सूचना सार्वजनिक की गई थी, उसी तरह संशोधन सूचना भी सार्वजनिक की जानी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।