शामली। कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग ने कहा कि विदेशी काॅरपोरेट कंपनियां ऑनलाइन फार्मेसी से ड्रग एवं कॉस्मेटिक कानून की अवहेलना कर दवाइयों की आपूर्ति कर रही हैं। जिससे देश के करोड़ों थोक और खुदरा केमिस्टों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। साथ ही भारतीय उपभोक्ताओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को खतरे में डाला जा रहा है।
शहर के सुभाष चौक स्थित कार्यालय में शनिवार को हुई बैठक में प्रदेशाध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया से इस मुद्दे पर शीघ्र ही कैट का एक प्रतिनिधिमंडल मुलाकात करेगा। देश में ई-कॉमर्स फॉर्मेसियों के नियम व कानून के उल्लंघन के बारे में उन्हें अवगत कराएगा। कैट का मार्च के पहले हफ्ते में देश के विभिन्न राज्यों की प्रमुख केमिस्ट एसोसिएशन का एक राष्ट्रीय सम्मेलन नई दिल्ली में होगा। उन्होंने कहा कि ई-फार्मेसी कंपनियां कानून का उल्लंघन कर बिना डॉक्टर के पर्चों के दवाइयां बेचकर आमजन के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहीं हैं। ई-फार्मेसी कंपनियों पर अंकुश लगाए जाने की मांग की। गर्ग ने कहा सरकार को केवल उन्हीं फार्मेसी कंपनी को अनुमति देनी चाहिए, जिनके पास ऐसी दवाइयां हैं और जिन्हें ई-फॉर्मेसियों पर बेचने की अनुमति है। सभी दवाइयां केवल पंजीकृत खुदरा फॉर्मेसियों से बेची जा रही है।