शामली। पहले शासन की लापरवाही और अब पीसीएफ कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जिले के किसानों के सामने यूरिया व डीएपी का संकट खड़ा हो गया है। इस समय फसलों को इनकी ज्यादा जरूरत है। सहकारी समितियों पर खाद न मिलने से किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शामली में तो गोदाम पर ताला ही लगा रहता है। जिले में समितियों पर यूरिया और डीएपी की चल रही कमी को लेकर पड़ताल की गई। इस दौरान 30 से अधिक समितियों पर किल्लत मिली।
शामली गन्ना समिति कार्यालय का गोदाम
यहां पर गोदाम पर ताला लगा हुआ था। कर्मचारी ने बताया कि यूरिया और डीएपी नहीं है।
शामली में माजरा रोड पर सहकारी समिति
यहां पर यूरिया और डीएपी पर्याप्त था। मगर कमरे में पानी आने और सीलन के कारण यह खराब होने के कगार पर है। कर्मचारी ने बताया कि जल्द ही दूसरे कमरे में यूरिया के कट्टे रखवाए जाएंगे।
कैराना : ब्लॉक क्षेत्र की चारों सहकारी समिति पर पिछले 20 दिन से डीएपी उपलब्ध नहीं है। यूरिया भी बहुत कम मात्रा में है। समिति के एमडी अमरदीप ने बताया कि किसी भी समिति पर पिछले 20 दिन से डीएपी नहीं है। उनके यहां 18 कट्टे यूरिया के हैं जो तीतरवाड़ा गोदाम पर रखे हुए हैं। किसान सरफराज सैफी, शौकत अली और जनक सिंह ने जल्द डीएपी उपलब्ध कराने की मांग की है।
चौसाना : साधन सहकारी समितियों पर यूरिया उपलब्ध नहीं है। समीतियों पर किसान पहुंचते हैं और लौट जाते हैं। दूसरी ओर समितियों पर कर्मचारी भी नदारद है।
ऊन : गन्ना सोसायटी पर आए किसान चौधरी ब्रह्म सिंह ने बताया कि यूरिया तो मिल गया जबकि मेरे नाम से 10 कट्टे डीएपी के लिखे थे बहुत कहने पर कुल चार ही कट्टे दिये गए जो बहुत कम है। कॉपरेटिव सोसायटी ऊन के केंद्र प्रभारी शोभित कुमार ने बताया कि पीसीएफ कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है। सोसायटी पर पिछले दस दिन से यूरिया, जिंक, डाई खाद सभी खत्म है।
फसलें हो रहीं प्रभावित
इस समय सब्जी, गन्ना व सरसों की फसल में यूरिया व डीएपी डाला जाता है, लेकिन इनके खत्म होने से फसल प्रभावित हो रही हैं। अक्तूबर माह से यूरिया की अधिक मांग हो जाएगी, क्योंकि धान की फसल में यूरिया की अधिक जरूरत होती है। इस समय डीएपी की अधिक मांग बढ़ रही है, क्योंकि सरसो, सब्जियों में अधिक मात्रा में किसान डीएपी डालते हैं। यूरिया अधिक मात्रा में गन्ने की फसल में डाला जाता है।
बोले किसान
- यूरिया व डीएपी की किल्लत के कारण किसान परेशान हो रहे हैं। कई समितियों पर यूरिया व डीएपी नहीं है। विभागीय अधिकारी भी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। - जितेंद्र, खंद्रावली
- यूरिया नहीं मिलने के कारण किसान परेशान हैं। समिति के कर्मचारी भी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे फसलों में यूरिया नहीं डाला जा रहा है। - रविंद्र कुमार, किवाना
समितियों पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया और डीएपी है। कहीं पर खत्म है तो स्टॉक भिजवाया जाएगा। कार्यालय बंद रखने वालों की जांच के बाद कार्रवाई होगी। - शिवम मलिक, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक