शामली। वैसे तो यमुना का जलस्तर लगातार कम होता जा रहा है, मगर लक्ष्मीपुरा में 160 मीटर चौड़ी बही ठोकर को ठीक करने में सिंचाई विभाग की टीम और ग्रामीण छठे दिन भी नाकाम रहे। टीम के सदस्य बल्लियों, मिट्टी से भरे कट्टों की मदद से ठोकर को जोड़ने में जुटे हैं। अगर रात में फिर यमुना का जलस्तर बढ़ता है तो लक्ष्मीपुरा भढ़ी, भढ़ी कोरियान, भढ़ी मुस्तफाबाद, सालापुर, नाई नंगला आदि गांव बाढ़ के पानी की चपेट में आ सकते हैं। रालोद के प्रतिनिधिमंडल ने किसानों को मुआवजा देने और स्थाई समाधान की मांग को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। वहीं ग्रामीणों ने जल्द समस्या समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
-रात में सो नहीं पा रहे ग्रामीण
लक्ष्मीपुरा भढ़ी, भढ़ी कोरियान, भढ़ी मुस्तफाबाद, सालापुर आदि गांव लक्ष्मीपुरा के निकट ही यमुना किनारे ही बसे हुए हैं। टूटी ठोकरों को ठीक कराने के लिए ग्रामीण भी पूरा सहयोग कर रहे हैं, मगर ठोकर को जोड़ने में अभी तक नाकाम हैं। ग्रामीण आलम, बाबूराम, अतुल ने बताया कि रात में भी डर रहता है कि कहीं यमुना का पानी गांव में न घुस आए। रात में सही ढंग से सो भी नहीं पा रहे हैं। परिवार का एक सदस्य जागकर रात काटता है। हजारों बीघा फसल किसानों की बर्बाद हुई है। जल्द से जल्द प्रशासन को किसानों को आर्थिक मदद देनी चाहिए।
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-ग्रामीण भी कर रहे पूरा सहयोग
ग्रामीण भी ठोकर को जोड़ने के लिए सिंचाई विभाग का सहयोग कर रहे हैं। लकड़ी की बल्लिययों और मिट्टी के कट्टों के माध्यम से ठोकर को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, मगर अभी समाधान होता दिखाई नहीं दे रहा है।
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सिंचाई विभाग के प्रयास नाकाफी
विधायक प्रसन्न चौधरी, विधायक अशरफ अली, रालोद जिलाध्यक्ष वाजिद अली ने कहा कि उन्होंने प्रतिनिधिमंडल के साथ यमुना का दौरा किया। देखने में आया है कि किसानों की कई सौ बीघा फसल में नुकसान हुआ है। कई ट्यूबवेल भी बर्बाद हो गई हैं। सिंचाई विभाग के प्रयास नाकाफी हैं। यदि पहले से ही ठोकर की मरम्मत कराई जाती तो शायद यह नौबत नहीं आती।
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इन्होंने कहा
लक्ष्मीपुरा में यमुना की टूटी ठोकर को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अब स्थिति कंट्रोल में है। पानी का उफान भी कम हुआ है। अगर यदि पानी बढ़ता है तो दिक्कत हो सकती है। 60 से अधिक लोग ठोकर को जोड़ने में लगे हैं। प्रयास रहेगा कि जल्द ही ठोकर को पूरी तरह से जोड़ दिया जाए।
- विकास कुमार, सिंचाई विभाग