शामली में कांवड़ मेले की इस बार ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाएगी। 21 जुलाई से पानीपत-खटीमा मार्ग वाहनों के लिए पूरी तरह बंद हो जाएगा, इस पर केवल कांवड़िये ही दिखाई देंगे।
कांवड़ मेला बीस जुलाई से शुरू हो जाएगा। श्रावण मास शुरू होते ही मध्यप्रदेश, राजस्थान आदि प्रांतों से श्रद्धालु हरिद्वार और गौमुख से गंगा जल लेकर पैदल आना शुरू हो जाते हैं। इस बार जिला प्रशासन कांवड़ यात्रा की निगरानी ड्रोन कैमरे से करेगा।
शासन से इसके लिए ड्रोन की मांग की गई है। अधिकारियों के मुताबिक ड्रोन को मुख्य प्वाइंट पर निगरानी के लिए लगाया जाएगा। मेला शुरू होते ही हरियाणा सीमा से लेकर मुजफ्फरनगर जिले की सीमा के तक समूचे मार्ग को कांवड़ियों के लिए आरक्षित कर दिया जाएगा। सहारनपुर से लेकर बड़ौत तक
दिल्ली- शामली- सहारनपुर मार्ग खुला रहेगा। शिवरात्रि नजदीक आते ही इस मार्ग को बंद कर रूट डायवर्ट कर दिया जाएगा।
शामली से मुजफ्फरनगर जाने वाले भारी वाहनों को शामली से थानाभवन, चरथावल, रोहाना होकर मुजफ्फरनगर भेजा जाएगा। करनाल से आने वाले भारी वाहनों को बिड़ौली-ऊन, थानाभवन होकर निकाला जाएगा। शामली से मेरठ जाने वाले वाहनों को मेरठ बाईपास पर रोक दिया जाएगा।
बाईपास पर अस्थायी बस अड्डा बनाया जाएगा। पानीपत से शामली आने वाले वाहनों को कैराना बाईपास से झिंझाना होकर थानाभवन-चरथावल की ओर रूट डायवर्ट कर दिया जाएगा।