Shamli News: करनाल निवासी बिंदर ट्रक में मुजफ्फरनगर से चावल लादकर करनाल जा रहा था। मेरठ-करनाल हाईवे डिवाइडर से टकराकर ट्रक पलट गया। डीजल टैंक में आग लग गई और ट्रक के साथ ही चालक बिंदर जिंदा जल गया। मौके पर पहुंचे परिजनों का रोकर बुरा हाल था।
झिंझाना थानाक्षेत्र में मेरठ-करनाल हाईवे पर बिडौली में गुरुद्वारे के सामने बुधवार देर रात चावल से लदा ट्रक डिवाइडर से टकराने के बाद दूसरी लेन में पलट गया और आग लग गई। ट्रक में फंसे चालक की आग में जलकर मौत हो गई। पुलिस और दमकल की गाड़ी ने आग को बुझाया।
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हाईवे पर जलता ट्रक।
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा के करनाल स्थित करण विहार निवासी बिंदर (45) बुधवार रात ट्रक में मुजफ्फरनगर से चावल लादकर करनाल जा रहे थे। बिडौली गुरुद्वारे के सामने अचानक ट्रक डिवाइडर से टकरा गया। टक्कर लगने के बाद ट्रक घिसटता हुआ दूसरी लेन में जाकर पलट गया।
पोस्टमार्टम हउस पर रोते बिलखते बड़े भाई सतनाम।
- फोटो : अमर उजाला
सड़क पर रगड़ खाने और डीजल टैंक फटने से ट्रक में आग लग गई। देखते-ही-देखते ट्रक आग की लपटों में घिर गया। इस दौरान केबिन में फंसे चालक का हाथ ट्रक के नीचे दब गया। आसपास के लोगों ने चालक को खींचकर बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन भीषण आग के चलते लोग उन्हें निकाल नहीं सके। आग में जलकर बिंदर की मौत हो गई।
सूचना पर पुलिस और दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आगे चल रहे साथी ट्रक चालक ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान की और परिजनों को सूचना दी। इस दौरान करीब आधा घंटे तक हाईवे पर यातायात बाधित रहा। रात में ही परिजन मौके पर पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजन करनाल घर ले गए। जांच अधिकारी विरेंद्र कसाना ने बताया कि परिजनों की तरफ से इस मामले में अभी कोई तहरीर नहीं दी गई है।
बड़े भाई बोले, जिसे गोद में खिलाया, पाला पोसा, वह आज हमें छोड़कर चला गया
पोस्टमार्टम हाउस पर रोते-बिलखते बड़े भाई सतनाम सिंह ने बताया कि बचपन में पिता इंद्रजीत सिंह की और करीब 17 साल पहले मां गुरदीप कौर की मौत हो गई थी। परिवार में सबसे बड़े होने के कारण जिम्मेदारी उन पर आ गई थी। सतनाम ने बताया कि तीन भाइयों में बिंदर मंझला था। सबसे छोटा भाई गुरमीत सिंह भी ट्रक चलाता है। उनकी एक बहन देवेंद्र कौर है। सभी भाई बहनों की शादी हो चुकी है। उन्होंने रोते बिलखते हुए बताया कि जिस भाई को उसने गोद में खिलाया, पाल पोसकर बड़ा किया, आज वह हमेशा के लिए हमें छोड़कर चला गया। बिंदर के बाद पत्नी मनदीप कौर, बड़ी बेटी मनप्रीत कौर (14) व बेटा हरजीत सिंह (13) रह गए हैं।
बिंदर से रात आठ बजे फोन पर आखिरी बार हुई थी बात
सतनाम सिंह ने बताया कि रात में आठ बजे बिंदर ने फोन पर बताया था कि वह मुजफ्फरनगर से चावल लादकर चल रहा है और देर रात ट्रक लेकर घर पहुंचेगा। उस समय वे पंजाब के गोविंदगढ़ में ट्रक में माल लदवा रहे थे। उसने छोटे भाई बिंदर को बताया था कि वह रात में करनाल पहुंचेंगे और ट्रक को खाली कराने के बाद सुबह तक पहुंचेंगे। बिंदर से सुबह घर पर मिलने की बात कही थी। उधर, करनाल निवासी ट्रांसपोर्टर विजय व अश्वनी ने बताया कि बिंदर उनके ट्रक पर पांच साल से चालक थे।