संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। गर्मी शुरू होते ही सर्पदंश खतरा बढ़ गया है। जिला अस्पताल में पिछले दो महीने में सर्पदंश से पीड़ित आठ मरीज पहुंचे हैं, जो उपचार के बाद ठीक हो गए। अस्पताल में एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। चिकित्सकों का कहना है कि सर्पदंश के बाद झाड़फूंक में समय नहीं गंवाना चाहिए और जितनी जल्दी हो सके जिला अस्पताल में पहुंचकर उपचार कराना चाहिए।
गर्मी बढ़ने के साथ ही सर्पदंश के मामले सामने आने लगे हैं। जिला अस्पताल में अप्रैल माह में तीन और मई माह में सर्पदंश से पीड़ित पांच मरीज पहुंचे।
सभी को एंटी स्नेक वेनम दिया गया। उपचार के बाद सभी स्वस्थ हुए हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि सर्पदंश से पीड़ित को घबराना नहीं चाहिए। सर्पदंश के बाद झाड़फूंक या देसी इलाज के चक्कर में समय खराब न करके जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचकर उपचार कराना चाहिए। उन्होंने बताया कि पिछले दो महीने में सर्पदंश के आए सभी आठ मरीजों को एंटी स्नेक वेनम दिया गया और सभी ठीक हुए हैं।