शामली। यदि जिला अस्पताल में भर्ती होना है तो उनको घर से ही मच्छरदानी व खाना लेकर आना होगा, क्योंकि यहां इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं है। इतना ही नहीं, मरीजों के बिस्तर पर चादर तक नहीं है। यह हाल तो तब है जब डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। रात में डॉक्टर तक नहीं मिल रहे हैं। मरीजों का इलाज भी रामभरोसे चल रहा है। संवाद
समय- 8:15 बजे, स्थान : जिला अस्पताल
इमरजेंसी कक्ष खाली पड़ा था और वहां डॉक्टर तक नहीं पहुंचे थे। अस्पताल में लगे ड्यूटी चार्ट पर किसी भी डॉक्टर, फार्मेसिस्ट, वार्ड ब्वॉय, चौकीदार का नाम और फोन नंबंर तक नहीं लिखा था। इसके अलावा कई कक्ष का ताला लगा हुआ था। टीम ने वार्ड में भर्ती मरीजों का हाल जाना। यहां कई मरीजों के बेड पर चादर तक नहीं बिछाई गई थी। किसी बेड पर चादर थी तो वह बहुत गंदी थी। यहां केवल दो मरीजों को ही मच्छरदानी दी गई थी। डेंगू से पीड़ित मरीजों को किसी कोई मच्छरदानी नहीं दी गई। मच्छरों के प्रकोप से रोगी और उनके तीमारदार परेशान थे। यहां भर्ती होने वाले मरीजों को किसी भी तरह की खाने की भी व्यवस्था नहीं थी। यहां केवल स्टाफ नर्स व अन्य महिला कर्मचारी ही भर्ती बच्चों का उपचार करती मिली।
समय : रात 10 :30 बजे, शामली सीएचसी
सीएचसी में अंदर ही खड़ी कर दी बाइक
शामली शहर सीएचसी में रात में ड्यूटी पर तैनात फार्मासिस्ट ने बाइक को बाहर खड़ी करने के स्थान पर एक्स-रे रूम के बाहर खड़ी कर दी। यहां सिर्फ एक स्टाफ नर्स थी। इसके अलावा कोई नहीं था। यहां से डाक्टर नदारद थे।
मरीजों का दर्द
रात में मच्छरों का प्रकोप, नहीं है सुविधा
लिलोन के देशराज ने बताया कि रात में यहां मच्छर का आतंक है। डॉक्टर भी देखने के लिए नहीं आते । इससे उनको काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। मच्छरदानी तक डेंगू मरीज को नहीं दी गई।
मरीज के बिस्तर पर नहीं बिछाई गई चादर
बहावड़ी गांव के बबलू ने बताया कि तीन मरीजों के बिस्तर पर चादर तक नहीं बिछाई गई है और कई चादर गंदी पड़ी है। यहां मच्छरों के प्रकोप से बचाने के लिए दवाई का भी छिड़काव नहीं किया गया है।
रात में नहीं आते डॉक्टर
कांजरहेड़ी गांव निवासी सुधीर ने बताया कि रात में डाॅक्टर भी उन्हें देखने के लिए नहीं आते हैं। यदि किसी मरीज को कुछ हो जाए तो उनको इमरजेंसी की तरफ भागना पड़ता है, लेकिन वहां भी डॉक्टर व फार्मासिस्ट तक नहीं मिलते हैं। ऐसे में मरीजों का उपचार रामभरोसे है।
जिला अस्पताल में अभी खाने की व्यवस्था नहीं की गई है और इसकी प्रक्रिया चल रही है। यदि मरीजों को चादर बिछाने के लिए नहीं दी गई तो वह इसकी जांच कराकर कार्रवाई करेंगे। रात में मरीजों को देखने के लिए डॉक्टर की ड्यूटी लगाई गई है और मच्छरदानी काफी कम संख्या में होने के कारण सभी को नहीं दी जा रही है। वह ड्यूटी चार्ट पर डॉक्टर व अन्य स्टाफ का नंबर व नाम तत्काल लिखवाने के लिए आदेश जारी किए जाएंगे।
डॉॅ. अंजू जोधा सीएमएस जिला अस्पताल शामली
जिला अस्पताल और सीएचसी में व्यवस्था सुधारने के बारे में मातहतों को निर्देश दिए जायेंगे। लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रविंद्र सिंह, जिलाधिकारी शामली
शामली जिला अस्पताल रात्री के वार्ड में सुकडी पडी चादरे व बिना मच्छर दानी के मरीज