शामली/चौसाना/बाबरी। साल के आखिरी चंद्र ग्रहण का नौ घंटे का सूतक काल शनिवार को शाम चार बजे शुरू से शुरू हुआ। सूतक काल के कारण मंदिरों के कपाट रविवार की सुबह पांच बजे तक के लिए बंद हो गए।
हालांकि चंद्र ग्रहण शनिवार मध्य रात्रि एक बजे शुरू होकर ढाई बजे तक रहेगा। तीन बजे के बाद भी चंद्र ग्रहण का असर रहेगा। शहर के हनुमानधाम, जगन्नाथ , शनिधाम, शिव चौक,कैराना रोड गुलजारी वाला मंदिर, करनाल रोड भोलेश्वर महादेव मंदिर, शहर का शिवचौक, माजरा रोड भाकूवाला मंदिर, टंकी रोड माता वैष्णो देेवी मंदिर, भैरव मंदिर, पंजाबी कालोनी स्थित रुघुनाथ मंदिर सहित सभी मंदिरों के कपाट बंद रहे। मंदिर हनुमान टिल्ला के प्रधान सलील द्विवेदी ने बताया कि शनिवार की शाम चार बजे से सूतक काल चलने से मंदिराें के कपाट बंद कर दिए गए। कपाट सुबह पांच बजे खुलेंगे। सबसे पहले मंदिरों की सफाई और धुलाई की जाएगी। देव मूर्तियों को स्नान कराकर नए वस्त्र धारण कराकर विधि विधान से पूजा अर्चना होगी। बाद में श्रद्धालुओं के लिए गेट पूजा अर्चना के लिए खोले जाएंगे। पंडित कुशलानंद जोशी ने बताया कि साल का आखिरी चंद्र ग्रहण है।चंद्रग्रहण मेष, कर्क राशि के लिए अच्छा नहीं है। वृष, मिथुन राशि के जातकों के लिए लाभदायक और मीन, केतु के लिए मध्यम साबित होगा।
मां दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालु हुए निराश, तीन बजे बंद हो गए कपाट
चौसाना। चंद्र ग्रहण के कारण तीन बजे से ही मंदिर के कपाट को बंद कर दिए गए। जिससे भक्तों को माता के दर्शन के लिए इंतजार करना पडा। चौदस और पूर्णिमा होने के कारण शनिवार को अधिकांश श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचे। गढ़ी हसनपुर में चार दिवसीय मेले का आयोजन किया गया। मां दुर्गा के मन्दिर में लगने वाले मेले में शनिवार को पहले दिन के मुकाबले अधिक भीड़ रही। मन्दिर के पुजारी अरविंद शर्मा ने बताया कि चौदस दो दिवस में थी इसलिए शुक्रवार के मुकाबले शनिवार को बडी संख्या में लोगों ने मां के दर्शन किए। शाम तीन बजे के बाद सूतक शुरू होने से मंदिर के कपाट बद होगए।