शामली। मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने का भरपूर आनंद उठाएं, लेकिन पतंग उड़ाते समय चाइनीज मांझे का इस्तेमाल न करें। इसका इस्तेमाल करने से खुद भी नुकसान हो सकता है और दूसरों की भी जिंदगी खतरे में डल सकती है। इस पर्व पर पतंग उड़ाने के लिए सादे धागे वाले मांझे का इस्तेेमाल करें। पतंग उड़ाने में चाइनीज मांझे का इस्तेेमाल अधिक होता है। इसकी वजह ये होती है कि यह आसानी से टूटता नहीं है। चाइनीज मांझे का इस्तेमाल करने से खुद भी बचे और दूसरों को भी इसका इस्तेमाल करने से रोके। इस संबंध में व्यापारियों, शिक्षकों, चिकित्सक और गणमान्य लोगों से बातचीत की गई तो उन्होंने भी चाइनीज मांझे को खतरनाक बताते हुए इसके इस्तेमाल और बिक्री पर रोक लगाने पर सहमति जताई है।
चाइनीज मांझा काफी खतरनाक है, इसे बच्चों के हाथ में बिल्कुल न दे। इससे बच्चों के हाथ कट सकते हैं। साथ ही अगर इस मांझे के रेशम के धागे के संपर्क में अगर कोई आ जाता है तो यह उसे काटकर घायल कर देता है। इसलिए उनका अनुरोध है कि अपने बच्चों को पतंग उड़ाते समय चाइनीज मांझा कतई न दें। - कैप्टन लोकेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य।
तिल और गुड़ की मिठास के नाम से पहचान बनाने वाले मकर संक्रांति के पर्व पर पतंग उड़ाने की परंपरा है। पतंग उड़ाते समय सादे धागे के मांझे का इस्तेमाल करना चाहिए। सस्से के चक्कर में चाइनीज मांझे का इस्तेमाल न करें। इसका धागा मजबूत होता है और यह टूटता नहीं और खींचने पर काट देता है, जो नुकसानदायक होता है। उनकी लोगों से अपील है कि अपने बच्चों को चाइनीज मांझा न देकर सादे धागे वाला मांझा दे। - विपिन राणा, ग्राम प्रधान गोहरनी।
हम चाहते है कि इस मांझे की बिक्री कतई न हो, इससे लोगों की जान पर खतरा होता है, लोगों से अपील है कि अपने बच्चों को पतंग उड़ाने में इसके इस्तेमाल को रोके, दुकानदार भी इसे न बचे, पुलिस व प्रशासन मिलकर भी इसकी बिक्री न होने दे। - डा. अशोक सिंघल।
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चाइनीज मांझे से बड़ा नुकसान है। आसमान में उड़ने वाले पंछी इसकी चपेट में आकर घायल हो जाते है। यहां तक कई बार उनकी जान भी चली जाती है। अगर यह किसी व्यक्ति के स्पर्श में आ जाए तो काटकर घायल कर देता है। इसलिए इस मांझे का कतई इस्तेमाल न करे। - सुमित बंसल, व्यापारी।