ऊन। जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने कस्बा ऊन में बन रहे शमशान घाट और गांव गागौर में तालाब तथा मुण्डेट खादर में कब्जा मुक्त कराई गई पशुचर की जमीन का निरीक्षण किया। ऊन मे शमशान घाट की चारदिवारी और शेड में लगाई गई ईटों की गुणवत्ता सही नहीं पाई। इस पर डीएम ने गहरी नाराजगी जताई और मानकों के अनुरूप निर्माण के निर्देश दिए।
शनिवार को डीएम ने सुजीत कुमार ने ऊन तहसील के तीन गांवों का दौरा किया। सबसे पहले कस्बा ऊन में बन रही सीएचसी का निरीक्षण किया। वहां कोई खामियां नहीं मिली। इसके बाद सीएचसी के बराबर में श्मशान घाट पर कराए जा रहे कार्य का निरीक्षण किया गया। शमशान घाट की चारदीवारी और शेड में घटिया क्वालिटी की ईंटें लगाने पर ठेकेदार को जमकर हड़काया। अच्छी गुणवत्ता की ईंटें लगाने के निर्देश दिया। इसके बाद गांव गागौर में कब्जा मुक्त कराए गए तालाब का निरीक्षण किया।
उन्होंने तालाब के चारो ओर ट्री गार्ड एवं बेंच बनाने के निर्देश दिए। उसके बाद डीएम के काफिले ने गांव मुंडेट खादर में पशुचर की 300 बीघे
जमीन पर चल रहे कब्जा मुक्त कराने के अभियान का निरीक्षण किया। इसका सीमांकन कार्य पूरा होने के बाद जेसीबी और मनरेगा के मजदूरों से चारों और खाई खोदकर मेढ़बंदी का कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने तहसील प्रशासन को उक्त भूमि का नक्शा बनाकर उसमें दो तीन तालाब खुदवाने के निर्देश दिए। भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए एसडीएम एमपी सिंह और तहसील प्रशासन के प्रयासों को सराहा।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी वीके सिंह, परियोजना निदेशक बलिराम, तहसीलदार मदन लाल राठौर, नायब तहसीलदार जनेश्वर प्रसाद, बीडीओ उमेश साहू समेत ब्लॉक और तहसीलकर्मी मौजूद रहे।