शामली। नगर पालिका द्वारा शहर में सड़कों की खस्ता हालत की ओर न ध्यान देकर बीच में रखे डिवाइडरों को सजाने में ज्यादा ध्यान दे रही है। आए दिन गड्ढों में फंसकर वाहन पलटते रहते हैं। जिसके कारण शहर में जाम की स्थिति पैदा हो जाती है।
नगर पालिका ग्रीन शामली, क्लीन शामली अभियान के तहत सड़कों के बीच बनवाएं गए डिवाइडरों पर पेंटिंग और गमलों को बनवाने में लाखों रुपया खर्च कर रही है। लेकिन डिवाडरों के बराबर में स्थित सड़कों की खस्ता हालत नगर पालिका को नजर नहीं आ रही है।
शहर में सड़कों की खस्ता हालत को लेकर पहले भी लोग कई बार हंगामा कर चुके हैं। लेकिन नगर पालिका बजट न होने का हवाला देती रही है। शहर में जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं, जिनमें कुछ में तो नगर पालिका ने सीमेंट की ईंटें लगा दी गई है। फिर भी शहर में अन्य गड्ढों के कारण बीच सड़क से गुजरने वाले बडे़ वाहन और रात को गुजरने वाली गन्ने की ट्रॉलियां पलटती रहती हैं। जिसके कारण आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है।
अभी हाल ही में भी नगर पालिका ने शहर के बीच में आर्य समाज से लेेकर गुरुद्वारे से आगे तक नए डिजाइन में डिवाइडरों के बीच बडे़ बडे़ गमले बनवाकर उनमें पौधे लगाने के साथ ही पर्यावरण संबंधी पेंटिंग कराई है। रजवाहे से लेकर कुड़ाना बस स्टैंड तक भी कांवड़ के समय लाखों रुपये के बड़े बड़े गमले बनवाकर सड़क के बीच रखवा कर चाइनापाम के पौधे लगाए थे। जिसके बाद वह सभी गमले सड़क के किनारे ऐसे ही डाल दिए गए। नगर पालिका सड़कों की ओर न ध्यान देकर बस डिवाइडरों को सजाने और बार बार बदलने पर जोर दे रही है। नगर निकायों का कार्यकाल जुलाई माह में पूरा होने वाला है। उससे पहले ही नगर पालिका सड़कों की ओर न ध्यान देकर अन्य कार्यों पर पैसा बर्बाद कर रही है।
बैठक में रखा जाएगा सड़कों का मामला
ईओ समीरपाल कश्यप का कहना है कि डिवाडरों की कार्ययोजना पहले ईओ शैलेंद्र कुमार मिश्रा के द्वारा बनाई गई है। मेरे चार्च लेेने के बाद कोई कार्य अभी तक मेरे द्वारा नही किया गया है। उन्होंने बताया कि जब भी बैठक होगी तो सड़कों की खस्ता हालत की बात बैठक में जरूर रखी जाएगी। शहर की जनता की समस्या का समाधान कराया जाएगा। चेयरमैन और सभासदों से भी इस संबंध में वार्ता की जाएगी।