शामली। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर संयुक्त प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ी संतोष देवी ने पांच वोट से जीत हासिल की। उन्हें 12 वोट मिले, जबकि विपक्षी सपा प्रत्याशी शैफाली चौहान को सिर्फ 7 वोट मिल सके।
संतोष देवी पत्नी प्रसन्न चौधरी ने रालोद, बसपा और कांग्रेस के संयुक्त प्रत्याशी के रूप में एक जनवरी को नामांकन किया था। वोटों की जोड़तोड़ में संतोष देवी को भाजपा नेताओं का भी समर्थन प्राप्त हो गया। वहीं, बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान हुआ। पूर्वाह्न 11 बजे मतदान शुरू होकर तीन बजे तक चला। इसके बाद साढ़े तीन बजे तक मतगणना का कार्य पूरा हो गया।
इसी दौरान जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ओपी वर्मा ने चुनाव परिणाम घोषित करते हुए विजयी संतोष देवी को प्रमाण पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि संतोष देवी को 12 और शैफाली चौहान को सात वोट मिले हैं। संतोष की जीत के बाद उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। इस दौरान जमकर आतिशबाजी हुई। संतोष देवी के पति प्रसन्न चौधरी सहित उनके समर्थक वोटरों का फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया। कलक्ट्रेट परिसर से एसटी तिराहे के पास रजवाड़ा फार्म हाउस तक विजयी जुलूस निकाला गया। वहां जमकर आतिशबाजी हुई और हर्ष फायरिंग भी की गई।
उधर, मतदान से लेकर मतगणना होने तक पुलिस प्रशासन चौकन्ना रहा। कलक्ट्रेट परिसर में कड़ी चौकसी बरती गई। पुलिस, पीएसी के अलावा जिले के सात थानाध्यक्ष, चार सीओ, एएसपी कलक्ट्रेट में तैनात रहे। वहीं, एसपी विजय भूषण और जिलाधिकारी ओपी वर्मा भी पूरे समय कलक्ट्रेट में मौजूद रहे।
प्रेक्षक की मौजूदगी में हुआ चुनाव
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए आईएएस पुष्पपति सक्सेना को शामली जिले का प्रेक्षक नियुक्त किया गया। बृहस्पतिवार को प्रेक्षक भी कलक्ट्रेट में मौजूद रहे और मतदान से लेकर मतगणना के बाद नतीजों के बारे में चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेजते रहे।
वोटरों की परेड ने दिलाई बढ़त
शामली। चुनावी बिसात पर शह और मात के खेल में वोट के आने से लेकर वोट डालने तक राजनीतिक चालें चली जाती हैं। उसी चाल का हिस्सा बृहस्पतिवार को मतदान के दौरान वोटरों की परेड कराना रहा, जिससे संतोष देवी की जीत और बढ़ी हो गई। दरअसल, बृहस्पतिवार को मतदान शुरू होने का समय पूर्वान्ह 11 बजे था। संयुक्त प्रत्याशी संतोष देवी पक्ष के लोगों ने ऐसी चाल चली, जिसने विपक्षियों के दिलों की धड़कन बढ़ गई। संतोष देवी अपने साथ नौ वोटरों को लेकर मतदान करने पहुंची।
वहीं, सपा प्रत्याशी शेफाली चौहान सहित छह वोटर मतदान करने के लिए इसी दौरान कलक्ट्रेट पहुंच गए। इससे संकेत दिया गया कि हमारे पाले में 10 वोट हैं। खास बात यह है कि यह मैसेज भाजपा नेताओं तक भी पहुंचाया गया कि हमारे पक्ष में 10 वोट आ चके हैं और जीत पक्की है। एक एक करके दोनों पक्षों के 14 वोट डाल दिए गए। इसके सपा प्रत्याशी शेफाली चौहान और उनके पति मनीष चौहान ने अपना वोट नहीं डाला। क्योंकि तीन वोट आनी बाकी थीं, जिनमें एक पूर्व सांसद तबस्सुम बेगम, जबकि दो वोट भाजपा की थीं। उक्त तीनों वोट भी सपा प्रत्याशी को मिल जाते, तब भी उनकी जीत होनी मुमकिन नहीं थी।
हुकुम सिंह के इक्के ने संतोष को बढ़त दिलाई
शामली। भाजपा के दिग्गज नेता सांसद हुकुम सिंह के तुरुप के इक्के ने संयुक्त प्रत्याशी संतोष देवी को बढ़त दिलाई और जीत का अंतर 5 हो गया। वहीं, संतोष की जीत पर भाजपा विधायक सुरेश राणा और अन्य भाजपाई भी खुशी में शामिल रहे। इससे साफ है कि सपा प्रत्याशी के खिलाफ भाजपा का पूरा समर्थन संयुक्त प्रत्याशी को मिला था। वहीं सपा ने भी इस चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक रखी थी। चुनाव परिणाम अपने पक्ष में करने के लिए सपा ने तीन मंत्रियों को उतार रखा था, लेकिन यह तीनों मिलकर भी सपा को केवल सात वोट दिला सके।
एक दिन पूर्व तक यही कयास लगाए जा रहे थे कि भाजपा के दोनों जिला पंचायत सदस्य सुषमा चौहान और अनुज चौहान के वोट सपा प्रत्याशी शेफाली चौहान को मिलेंगे। क्योंकि भाजपा के दोनों सदस्य गुर्जर हैं और सपा प्रत्याशी शेफाली चौहान भी गुर्जर हैं। पिछले कई दिन से इन दोनों वोटों को घेरने के लिए गुर्जर बिरादरी के लोगों की पंचायत भी हुई, जिसमें सुषमा चौहान के पति भाजपा नेता अनिल चौहान को भी बुलाया गया। बिरादरी का वास्ता देकर शेफाली के लिए वोट मांगे गए।
वहीं भाजपा सांसद हुकुम सिंह से भी कई दौर में वार्ता हुईं, जिसमें सपा प्रत्याशी के परिजनों को निराश नहीं किया गया था। इस वजह से सपा प्रत्याशी को लग रहा था कि उनकी जीत हो जाएगी, लेकिन बृहस्पतिवार को चुनाव नतीजों ने साफ कर दिया कि भाजपा के दोनों वोट संतोष देवी के पक्ष में गए। तभी तो 12 वोट मिलने पर उनकी जीत का अंतर बढ़ गया। समाजवादी पार्टी खेमे के लोग इसे भाजपा सांसद हुकुम सिंह का राजनीतिक पैंतरा करार दे रहे हैं। उनका कहना है कि हुकुम सिंह ने बृहस्पतिवार सुबह तक भी अपने पत्ते नहीं खोले थे, मगर जब मतपेटी खुली तो सब चौंक गए। हालांकि सांसद हुकुम सिंह ने यह भी कहा था कि उनकी पार्टी के दोनों सदस्य स्वेच्छा से मतदान करेंगे, उन्होंने किसी भी प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने के लिए न तो कहा, न दबाव बनाया।
एक साथ नजर आए कई दलों के नेता
कलक्ट्रेट परिसर में बृृहस्पतिवार को जब मतदान और मतगणना हुई, तो कई दलों के नेता एक साथ नजर आए। कांग्रेस विधायक पंकज मलिक, पूर्व मंत्री एवं रालोद नेता योगराज सिंह, पूर्व बसपा विधायक राव अब्दुल वारिस, रालोद नेता योगेंद्र चेयरमैन और जिलाध्यक्ष ऋषिपाल राझड़ और अशरफ अली भी कलक्ट्रेट पहुंचे और वहां गेट पर एक साथ रहते हुए चुनाव परिणाम का इंतजार किया। संतोष देवी की जीत पर सभी नेताओं ने एक दूसरे को बधाई दी। वहीं, भाजपा विधायक सुरेश राणा रजवाड़ा फार्म हाउस पर पहुंचे और संतोष देवी के पति प्रसन्न चौधरी को जीत की बधाई दी।
क्रास वोटिंग का कयास भी रहा बेकार
जब संयुक्त प्रत्याशी संतोष देवी पक्ष के दस वोट डाले जा चुके थे, तब भी सपा नेता इस बात को लेकर आश्वस्त थे कि बंद पेटी में विरोधी खेमे की एक वोट हमें मिली है। इस कयास पर उम्मीद की जा रही थी कि बाकी तीनों वोट मिलने पर सपा प्रत्याशी की जीत होगी, लेकिन बाद में आई तीन वोटों में से दो संतोष देवी के पक्ष में चली गईं, जिस कारण शेफाली चौहान सिर्फ 7 वोटों पर सिमट गई और संतोष देवी का आंकड़ा 12 तक पहुंच गया।