शामली। जिला पंचायत बोर्ड की पिछले दस माह से बैठक नहीं हुई है। जिसके कारण जिले में विकास कार्यों पर भी विराम लगा हुआ है। हालांकि अधिकारियों ने जल्द बोर्ड बैठक कराने की बात कहीं है। बैठक नहीं होने के कारण सिर्फ 10 करोड़ रुपये ही जिला पंचायत को मिल सके हैं।
वर्ष 2023-24 की जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में 14 करोड़ 75 लाख रुपये के विकास कार्यों की कार्ययोजना की स्वीकृति हुई थी। दो माह बाद कार्ययोजना का बोर्ड बैठक में अनुमोदन होना अनिवार्य होता है। लोकसभा चुनाव 2024 की प्रक्रिया चलने से बैठक अधर में लटकी रही। लोकसभा चुनाव के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष को लेकर खेमाबंदी शुरू हो गई।
खेमाबंदी होने के बाद जिला पंचायत बोर्ड बैठक दस माह बाद भी नहीं हो पाई है। मामला मुख्यमंत्री के दरबार में पहुंचने के बाद भी जिला पंचायत की रार चली आ रही थी। विवाद के चलते जिला पंचायत क विवाद बढ़ता जा रहा है। विवाद में बोर्ड बैठक नहीं होने के कारण जिले में भारसी, नाला, सुन्ना, भनेड़ा में संपर्क मार्गों के निर्माण कार्य, भारसी और हुरमजपुर में नाला निर्माण समेत कई कार्य अधूरे पड़े हुए हैं।
ये सड़क, नाला निर्माण के काम पड़े हैं अधूरे
भारसी, नाला, सुन्ना, भनेड़ा में संपर्क मार्गों के निर्माण कार्य, भारसी और हुरमजपुर में नाला निर्माण, भैंसवाल-सिलावर को जोड़ने वाला लिंक मार्ग निर्माण, हाथी करोंदा से खानपुर तलवा संपर्क मार्ग , खेड़ी बैरागी से फतेहपुर को जाने वाला मुख्य नाला निर्माण, सिलावर से धनेना को जोड़ने वाला लिंक मार्ग, हाथी करोंदा, कुरमाली में शमशान घाट निर्माण कार्य, सिलावर, कुरमाली, भैंसवाल, सिक्का, में सीसी सड़क आदि कार्य अधूरे पड़े हैं।
विवाद खत्म
शामली। सीडीओ विनय कुमार का कहना है कि जिला पंचायत अध्यक्ष मधु गुर्जर और भाजपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह के बीच आपसी दूरी खत्म हो गई है। अब जल्द बैठक होने की उम्मीद है।
गठबंधन सदस्यों को विकास की उम्मींदें
रालोद कोटे से जिला पंचायत सदस्य उमेश कुमार पंवार ने बताया कि विपक्ष के जिला पंचायत सदस्यों द्वारा दिए गए प्रस्तावों को कार्ययोजना में शामिल नहीं किया जाता। कई सड़कों से लेकर नाले तक टूटे पड़े हैं, जिन्हें नहीं बनवाया जा रहा। जिसके कारण लोगों को परेशानी हो रही है। खेमेबंदी बंद कर जिला पंचायत के हर वार्ड में विकास कार्य होने चाहिए।इस बार भाजपा और रालोद का गठबंधन है। जिला पंचायत सदस्यों की बोर्ड बैठक में वार्ड के विकास के लिए कार्ययोजना के लिए प्रस्ताव रखे जायेंगे। प्रस्तावों पर धनराशि न मिलने पर जनता के बीच जाएंगे।
विपक्ष ने लगाया प्रस्ताव शामिल नहीं करने का आरोप
वार्ड 15 के जिला पंचायत सदस्य अरविंद पंवार का कहना है कि हर बार विपक्ष के प्रस्तावों को स्वीकृति नहीं मिल पाती है। जिसके कारण वार्ड में विकास कार्य रुके पड़े हैं, जो कार्य स्वीकृत हुए भी उन पर भी काम नहीं कराया जा रहा है। इस बार की बैठक में मजबूती से इस बात को रखा जाएगा।
2024- 25 बोर्ड बैठक में पिछले साल 23 दिसबर 2024 को विकास कार्य पारित करने के लिए कार्य योजना दिसंबर में ही शासन को भेज दी गई थी। 15 वें वित्त आयोग और राज्य वित्त आयोग से बोर्ड में प्रस्ताव पारित होने के बाद राशि मिलती है। मगर बैठक नहीं होने के कारण पूर्व में स्वीकृत कार्यों पर अमल नहीं हो पा रहा है। इसमें राज्य वित्त आयोग और 15वें वित्तीय आयोग की दस करोड़ की धनराशि ही जिला पंचायत को प्राप्त हुई है। जल्द ही बैठक आयोजित की जाएगी।
- नईम अख्तर, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत शामली