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निजी स्कूलों पर डीआईओएस सख्त

Sat, 01 Apr 2017 12:35 AM IST
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
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स्‍कूल - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। जिला विद्यालय निरीक्षक एसएम सिद्दीकी ने जनपद के सभी सीबीएसई, आईसीएसई, शासकीय, अशासकीय और वित्तविहीन कॉलेज प्रबंधक, प्रधानाचार्य को परिवहन व्यवस्था को लेकर दिशा निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी को मानक के अनुसार बसों में व्यवस्था न होने पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। 
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शुक्रवार को डीआईओएस ने संयुक्त शिक्षा निदेशक सहारनपुर के अहिबरन के निर्देश पर सभी स्कूल, कॉलेजों में शासनादेशों का अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं। आदेश के मुताबिक वाहन का शैक्षणिक संस्था से पंजीकरण होना जरूरी है। प्रत्येक स्कूल बस के पीछे मोटे अक्षरों में स्कूल बस लिखा होना चाहिए। किसी भी स्कूल बस में किराए की फुटकर सवारी नहीं बैठाई जाएंगी। स्कूल बसों की अधिकतम आयु 15 वर्ष होगी। स्कूलों का रंग गोल्डन येलो और ब्लू
लाइनिंग होनी चाहिए। वहीं, सुरक्षा से संबधित मानकों में सीटिंग क्षमता के अनुसार ही प्रत्येक बस अग्निशमन यंत्र जरूरी उपलब्ध रहेंगे। 

12 सीट तक की बसों में दो किलोग्राम वजन का सिलेंडर, 12 से 20 सीट तक की बस में पांच किलोग्राम का सिलेंडर ड्राइवर केबिन में और 20 सीट से ऊपर में पांच किलोग्राम के दो यत्र, जिसमें एक ड्राइवर केबिन और एक आपातकालीन खिड़की के पास उपलब्ध रहेगा। सभी बसों में फर्स्ट एड किट रखना अनिवार्य है। बसों की अधिकतम गति सीमा 40 किमी प्रति घंटा होनी चाहिए। जिसके लिए स्पीड कंट्रोल यत्र लगवाना जरूरी है, जो अलार्म युक्त होगा। प्रत्येक स्कूल बस का दरवाजा ऐसा होना चाहिए जो ठीक प्रकार से खुले या बंद हो सके। 
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डीआईआेएस ने बताया कि स्कूल बस में प्रेशर हार्न होना चाहिए। वहीं ड्राईवर के पास वैध लाइसेंस होना चाहिए। उन्होंने सभी को मानक के अनुसार व्यवस्था न मिलने पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि सभी स्कूल संचालक नियमों का पालन करें।
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