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आम बजट आज , जिले के आमनागरिको की लगी निगाहें

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जीएसटी के दायरे में हो डीजल, दवाओं पर घटे टैक्स
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शामली। संसद में आज आम बजट पेश होना है। सरकार के इस बजट से लोगों को बहुत उम्मीदें हैं। उद्यमी जीएसटी से राहत चाहते हैं और किसान कृषि यंत्र खाद पर सब्सिडी। युवाओं को रोजगार की आस है और महिलाओें को रसोई की जरूरी चीजों के दाम कम होने की। अमर उजाला ने बजट के मुद्दे पर नगर पालिका सभागार में शहर के विभिन्न वर्गों के लोगों से संवाद किया। सभी ने एक स्वर से आम जरूरत की वस्तुओं की दामों में कमी करने के लिए केंद्र सरकार से पहल करने की मांग की।
सिलिंडर पर सब्सिडी बढ़नी चाहिए
आम बजट में केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं को पार्ट टाइम रोजगार की सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए. जिससे महिलाएं भी आत्मनिर्भर हो सकें। गैस सिलिंडर की सब्सिडी को बढ़ाना चाहिए।
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नीतू वत्स, गृहिणी
युवाओं को खेल सुविधा
युवाओं को खेल में प्रोत्साहित करने के लिए सरकार को जिलास्तर पर खेल के मैदान बनाने चाहिए। इसके लिए बजट में प्रावधान होना चाहिए। जिला स्तर पर क्रीड़ाधिकारी की तैनाती भी होनी चाहिए और खेल सामग्री उपलब्ध होनी चाहिए।
उमेश दत्त, खेल शिक्षक
बायोपेस्टीसाइड पर मिले छूट
किसान का जोत का डाटा फीड हो चुका है। किसान को डीजल में सब्सिडी दिए जाने, ट्रैक्टर लोन के लिए किसान की पूरी भूमि बैंकों में बंधक नही रखी जाए। ऋण की धनराशि के अनुसार किसान की भूमि को बंधक रखा जाए। किसानों को बायोपेस्टी साइड पर छूट मिलनी चाहिए।
सतपाल, मंडल सचिव भाकियू
बालिकाओं और महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए बजट में लघु कुटीर उद्योग की व्यवस्था करनी चाहिए।
मंजू आर्य, गृहिणी
दवाओं का टैक्स कम हो
दवाईयों का बजट बढ़ता जा रहा है। दवाएं आम जरूरत की चीज है। इस पर जीएसटी की दर घटनी चाहिए।
विनीत कर्णवाल ,दवा विक्रेता
सरकारी कृषि यंत्र बहुत महंगे है। आम किसान कृषि यंत्र नही खरीद सकता है। सरकार को सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को ये यंत्र किराए पर देने की व्यवस्था करनी चाहिए।
मीरा वर्मा, प्रगतिशील किसान
गंगा -यमुना और सभी नदियां स्वच्छ हों। बरसात के दिनो में नदियों के पानी को एकत्र करके रखा जाए तो पानी की बर्बादी रुक जाएगी।
निजी चिकित्सकों की हो तैनाती
मेडिकल क्षेत्र के लिए बजट में प्रावधान होना चाहिए। निजी चिकित्सकों को भी अपने क्लीनिक शुरू करने के लिए सब्सिडी देनी चाहिए।
डॉ.दिव्या जिंदल
डीजल को जीएसटी के दायरे में लाएं
आम बजट में फसल बीमा योजना का किसान का लाभ मिले। सरकार को डीजल के रेट कम करने चाहिए। इसके लिए डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए, ताकि उससे टैक्स कम हो और इसका लाभ किसानों के साथ आम जनता को मिले।
अनिल मलिक, महासचिव भाकियू भानू गुट
रोजागर पर जोर दे सरकार
एनसीआर क्षेत्र में दिल्ली से लेकर सहारनपुर तक नोएडा और गुरुगाम की तर्ज पर उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए।
अनुज बंसल, समाजसेवी
पुुराने उद्योग पुनर्जीवित करे सरकार
उद्यमी और व्यापारी करीब 14 लाख करोड़ का जीएसटी देता है, लेकिन इसके बदले उसे सुविधाएं ना के बराबर है। पुराने उद्योगों को पुनर्जीवित करने को सरकार को छूट देनी चाहिए।
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- उद्यमी अंकित गोयल का कहना है कि
ऑन लाइन कारोबार पर अंकुश लगे
ऑनलाइन कारोबार से व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हुआ है। सरकार या तो बजट में प्रावधान कर व्यापारियों को सब्सिडी दे या इन कंपनियों पर अंकुश लगाए।
नीरज संगल, मोबाइल व्यापारी
एक उत्पाद पर एक बार जीएसटी
एक उत्पाद पर केवल पहली बिलिंग पर ही जीएसटी लगना चाहिए। यदि व्यापारी का कोई केस फाइनल हो चुका है और दोबारा उसे चेक किया जाता है। कोई रिकवरी निकलती है तो वो रिकवरी व्यापारी की बजाय उस अधिकारी से वसूलनी चाहिए, जिसने वो केस फाइनल किया है। इसमें व्यापारी का कोई कसूर नहीं है।
पवन संगल ,जिलाध्यक्ष जिला उधोग व्यापार मंडल
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