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36 लाख खर्च कर एक बूंद पानी भी नहीं मिला

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शामली क्षेत्र के गांव चुनसा में जर्जर हालते पानी की टंकी। - फोटो : SHAMLI
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36 लाख खर्च कर एक बूंद पानी भी नहीं मिला
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शामली। पेयजल परियोजनाओं को लेकर जिले में पैसा पानी की तरह बहाया गया, लेकिन लोगों को एक बूंद पानी नसीब नहीं हुआ। पूर्व में संचालित स्वजल धारा योजना के तहत गांव चूनसा में पेयजल परियोजना आठ साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी। गांव में बना ओवरहैड टैंक जर्जर हो गया है तथा बोरिंग भी ठप हो चुका है। आलम यह है कि करीब 36 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद इस परियोजना से ग्रामीणों को एक बूंद पानी नहीं मिला।
चूनसा गांव में 2011-12 में पेयजल परियोजना के निर्माण की शुरूआत की गई थी। इस परियोजना में ओवरहैड टैंक बन गया। बोरिंग भी हुआ और कुछ घरों तक पाइप लाइन भी बिछाई गई। इसके बावजूद इस बोरिंग से पानी नहीं निकला। ग्रामीणों ने बताया कि तहसील दिवस, मुख्यमंत्री पोर्टल समेत कई पटलों पर उन्होंने परियोजना का निर्माण पूरा कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिए लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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बोले ग्रामीण...
गांव में हैंडपंपों का पानी ठीक नहीं है। 2011 से बन रही पेयजल परियोजना अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। अब तो ग्रामीणों ने टंकी से पानी मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी है।
- सलेकचंद।
लाखों रुपये खर्च हो गए, लेकिन ग्रामीणों को एक बूंद साफ पानी नहीं मिला। गांव में बनी टंकी भी जर्जर हो गई है। उसकी सीढ़ियां भी टूट गईं हैं।
- सतवीर सिंह।
मैं लगातार टंकी का निर्माण पूरा कराने और इसका संचालन कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहा हूं। कई बार प्रार्थना पत्र दे चुका हूं, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। अब यह योजना ही बंद हो गई है।
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- हवा सिंह।
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सात-आठ साल से टंकी का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। करीब 36 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद गांव वालों को टंकी का कोई लाभ नहीं मिला। शासन से बजट नहीं मिलने से निर्माण रुक गया था। इसके बाद किसी ने सुध ही नहीं ली।
- सुमन देवी, ग्राम प्रधान।
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