शामली। इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन के जिला समन्वय डॉ. हरिओम पाठक ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से मधुमेह रोग का उपचार संभव है। उन्होंने मरीज के लिए शारीरिक श्रम करना जरूरी बताया।
अमर उजाला हेल्दी फैमिली-फिट इंडिया कार्यक्रम के तहत बृहस्पतिवार को शहर के सुभाष चौक स्थित कार्यालय में विश्व मधुमेह दिवस पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। आईएनओ के जिला समन्वयक डॉ. हरिओम पाठक ने कहा कि वात, पित्त और कफ को संतुलित कर मधुमेह से बचा जा सकता है। मधुमेह रोग होने पर प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति में इसका इलाज संभव है। डॉ. सतीश गर्ग ने अष्टांग योग आसन, प्राणायाम से रोग मुक्ति के तरीके बताए। उन्होंने मधुमेह रोग के लक्षण और रोकथाम के उपाय बताए। ग्राम स्वराज मंच के वैद्य उपेंद्र द्विवेदी ने श्रम का जीवन में महत्व बताया। लोगों केे जीवन शैली में बदलाव लाकर शारीरिक श्रम करना होगा, तभी मधुमेह और अन्य बीमारियों से बचा जा सकेगा। अंचल समिति के कोषाध्यक्ष अमित गोयल ने बौद्धिक द्वारा एकल कार्य और राष्ट्र भक्ति के लिए प्रेरित किया। व्यायाम करने से मधुमेह रोग दूर होता है। पउप्र के एकल अभियान प्रमुख राम सकल ने एकल अभियान की आवश्यकता, धर्म संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में एकल के योगदान के महत्व की जानकारी दी। मौके पर अंचल अभियान प्रमुख जितेंद्र, गतिविधि प्रमुख योगेंद्र, कार्यालय प्रमुख प्रवीण कुमार, मनीषा, अंजली, रवीना, संयोगिता, काजल, शीशपाल आदि रहे।