कांधला। कस्बा कांधला स्थित जैन स्थानक में रविवार को आयोजित धर्मसभा में विनय मुनि महाराज ने कहा कि धन से भी कीमती संतान होती है। दूध से भी उजला निर्दोष जीवन होता है। काजल से भी काला कलंक होता है। इसके उपरांत संघ संचालक नरेश मुनि महाराज ने कहा कि भटकते हुए मन को स्थिर करो। कष्ट शरीर को दुखी मन से होता है।
महाराज श्री ने आडंबरों से दूर रहने का संकल्प कराते हुए कहा कि रात की शादी, शादी में शराब परोसने, मांसाहारी होटल में खाना न खाना तथा घर बसाने के लिए मन में संतोष तथा मैत्री भाव रखने की हिदायत दी। स्वार्थ से ऊपर उठकर परमार्थ के पद पर आगे बढ़ो और कर्म जो करते हुए वह कर्म बांधने के लिए नहीं कर्मों को काटने के लिए करो। शरीर की प्रत्येक हलचल विवेक पूर्ण करो। अश्लील, हिंसा, क्रोध, अहंकार, माया, लोभ, ममता की भाषा को ना सुने। जैन दर्शन के अनुसार आत्मा जड़ है आत्मा चेतन है आत्मा शास्वत है।
आत्मा ही कर्म करने वाली है। आत्मा ही शुद्ध व अशुभ कर्म भोगती है। भिवानी, गन्नौर, राजाखेड़ी, लुधियाना, रोहिणी, कृष्णानगर, बलबीर नगर, प्रीतमपुरा, छपरौली, बड़ौत, मेरठ, शामली, बुढ़ाना, एलम सहित लगभग 50 शहरों के हजारों श्रद्धालुओं सहित कस्बे से राकेश जैन, पवन जैन मुकेश जैन, राहुल, विकास जैन, देवेंद्र जैन, मानी जैन, अंकित जैन आदि मौजूद रहे।