दोनों टीके लगवाने वाले श्रद्धालुओं को मिले इजाजत
शामली। हरिद्वार कांवड़ यात्रा के लिए जिला प्रशासन को शासन की गाइड लाइन का इंतजार है। मगर, कांवड़ सेवा शिविर के आयोजकों का कहना है कि शासन से हरिद्वार कांवड़ यात्रा की गाइड लाइन आने के बाद उसका पालन कराएंगे। कांवड़ शिविर आयोजक चाहते हैं कि कांवड़ यात्रा में सामाजिक दूूरी, मास्क का प्रयोग आवश्यक हो। कोरोना गाइड का पालन कराते हुए हरिद्वार कांवड़ यात्रा संचालित हो। संचालकों का कहना है कि कोरोनारोधी दोनों टीके लगवाने वाले भक्तों को केवल इजाजत मिले।
पिछले साल कोरोना संक्रमण काल की पहली लहर के कारण श्रावण मास में हरिद्वार कांवड़ यात्रा पर शासन और प्रशासन ने प्रतिबंध लगा दिया था। कोरोना काल की दूसरी लहर अप्रैल माह से होकर मई माह तक चली। कोरोना काल की दूसरी लहर खत्म होने के बाद अब माहौल सामान्य हुआ। मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ ने दो दिन पूर्व वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिस के वरिष्ठ अफसरों से संवाद करके हरिद्वार कांवड़ यात्रा प्रारंभ करने की बात कही हैं। हालाकि उत्तराखंड सरकार हरिद्वार कांवड़ यात्रा शुुुरू करने के पक्ष में नही है। हालांकि उत्तर प्रदेश शासन ने हरिद्वार कांवड़ यात्रा के संबंध में अभी तक कोई भी गाइड लाइन नहीं भेजी है। इस साल श्रावण मास 25 जुलाई से शुरू हो रहा है। श्रावण मास प्रारंभ होते ही राजस्थान, मध्यप्रदेेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली के लाखों कांवड़ियां गंगोत्री और हरिद्वार में गंगा स्नान करने के बाद गंगा जल और कांवड़ लेकर रवाना होते हैं।
एसडीएम सदर संदीप सिंह का कहना है कि हरिद्वार कांवड़ यात्रा केेेेेेेेेे संबंध में शासन से अभी तक गाइड लाइन नहीं आई है। हनुमान धाम के प्रधान सलील द्विवेदी का कहना है कि कोरोना काल को देखते हुए हरिद्वार कांवड यात्रा समूह के रूप में न होकर सामाजिक दूूूरी का पालन होना आवश्यक हो। कोरोना के दोनों टीकाकरण पूरा करने वाले के श्रद्धालुओं को कांवड़ यात्रा में इजाजत दी जाए। क