- बाबा औघड़नाथ मंदिर में चल रही कथा में सुनाए गए कई प्रसंग
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। नमामि राधे ट्रस्ट मोदीनगर की ओर से बाबा औघड़नाथ मंदिर में राधे पुराण कथा महोत्सव के तृतीय दिवस श्री राधा और श्रीकृष्ण जन्म की दिव्य लीलाओं के प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
कथा व्यास गोपाल कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि जिस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण का अवतरण कारागार में हुआ था, उसी प्रकार प्रत्येक जीव संसार रूपी बंधन में जन्म लेकर काल के अधीन हो जाता है। मानव जीवन का उद्देश्य इन बंधनों से मुक्त होकर परमात्मा की शरण प्राप्त करना है।
उन्होंने श्री राधा रानी के प्राकट्य की कथा सुनाते हुए वृषभानु और माता कीर्ति के पूर्वजन्म का प्रसंग बताया। माता कीर्ति ने राधा रानी के दिव्य स्वरूप का दर्शन कर उन्हें पुत्री रूप में प्राप्त करने की कामना की थी। इसके फलस्वरूप अगले जन्म में उन्हें यह सौभाग्य प्राप्त हुआ। राधा रानी के जन्मोत्सव और भगवान शिव की दर्शन लीला का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे।
कथा के दौरान महिषासुर मर्दिनी महालक्ष्मी के प्रसंग के साथ नवरात्र पूजन की विधि और इसके आध्यात्मिक महत्व के बारे में बताया गया। कथा व्यास ने कहा कि देवी उपासना का आधार श्रद्धा, विश्वास और निष्कपट भाव है। उन्होंने शनिदेव की कृपा प्राप्त करने के लिए भजन, कीर्तन और प्रभु स्मरण को सर्वोत्तम उपाय बताया। साथ ही कहा कि भगवान नाम से जुड़ने पर जीवन के अनेक कष्ट दूर होने लगते हैं। कथा के उपरांत श्रद्धालुओं ने भजन कीर्तन किया। कार्यक्रम में अंकित सिंघल और उनकी पत्नी शिप्रा सिंघल मुख्य यजमान रहीं। इस अवसर पर विवेक वाजपेयी, मनोज गुप्ता, विकास मित्तल, डॉ. शिल्पी जैन, संगीता पंडित, मुक्त जैन, ज्योति गंभीर, गीता प्रजापति आदि रहे।