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भगवान कृष्ण की माखन चोरी की लीला सुनकर श्रद्घालु हुए भावविभोर

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कांधला में मनकामेश्वर मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा में मौजूद श्रद्घालु। - फोटो : SHAMLI
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कांधला। नगर के पूर्वी यमुना नहर के समीप श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर बुधवार को कथा व्यास केदारनाथ से आए आचार्य बृजमोहन सेमवाल ने कहा कि भागवत महापुराण का अनुसरण करने से मनुष्य सभी बंधनों से छूटकर मोक्ष प्राप्त करता है।
कथा व्यास ने गोवर्धन कथा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि कृष्ण ने ब्रजवासियों को मूसलधार वर्षा से बचने के लिए सात दिन तक गोवर्धन पर्वत को सबसे छोटी उंगली पर उठाकर रखा। ब्रजवासी उसकी छाया में सुखपूर्वक रहे। सातवें दिन भगवान ने गोवर्धन को नीचे रखा तथा हर वर्ष गोवर्धन पूजा करके अन्नकूट उत्सव मनाने की आज्ञा दी। तभी से यह उत्सव अन्नकूट के नाम से मनाया जाने लगा।
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कथा व्यास माखन चोरी की लीला का वर्णन करते हुए कहा कि जब श्रीकृष्ण भगवान पहली बार घर से बाहर निकले तो उनकी बृज से बाहर मित्र मंडली बन गई। सभी मित्र मिलकर रोजाना माखन चोरी करने जाते थे। सब बैठकर पहले योजना बनाते किस गोपी के घर माखन चोरी करना है। श्रीकृष्ण माखन लेकर बाहर आ जाते तथा सभी मित्रों के साथ बांटकर खाते थे। भगवान बोले जिसके यहां चोरी की हो उसके द्वार पर बैठकर माखन खाने में आनंद आता है। कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। संध्या आरती के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। भजन सुनकर श्रद्धालु झूम उठे।
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इस दौरान कथा आयोजक शशि भूषण शर्मा नीटू जावला, संजीव आडवाणी, सुभाष सैनी, विशाल शर्मा, बाबूराम, ईशम, जयविंद्र सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे। उधर, सुबह यज्ञ स्थल पर आचार्य शशि भूषण के नेतृत्व में विद्वान पंडितों द्वारा प्रतिदिन की तरह नवग्रह पूजन करने के बाद पंचकुंडीय महायज्ञ पर महामृत्युंजय पाठ का जाप कर 1008 आहुति प्रदान की गई। वहीं, नगर क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालुओं ने यज्ञ स्थल परिक्रमा कर पूजा अर्चना कर मन्नते मांगीं।
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