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करंट से संविदा विद्युत कर्मी की मौत, विरोध में दो घंटे जाम

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झिंझाना क्षेत्र के गांव दरगाहपुर निवासी संविदा लाइनमैन सुशील कुमार उर्फ पप्पू का फाइल फोटो। - फोटो : SHAMLI
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संवाद न्यूज एजेंसी
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झिंझाना। विद्युत लाइन की मरम्मत करते समय करंट लगने से संविदा कर्मी की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बुधवार को ऊन-झिंझाना मार्ग पर जाम लगा दिया। वहीं, एसडीओ को भी बंधक बनाकर अपने बीच बैठा लिया। करीब दो घंटे की वार्ता के बाद अधिकारियों ने 15 लाख रुपये की आर्थिक मदद और दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
गांव दरगाहपुर निवासी 35 वर्षीय सुशील उर्फ पप्पू पुत्र प्रकाश सिकंदरपुर बिजलीघर पर संविदा लाइनमैन के रूप में कार्यरत था। वह मंगलवार दोपहर बाद शटडाउन लेकर रंगाना में खंभे पर तार जोड़ रहा था। इसी दौरान अचानक करंट लगने से नीचे आ गिरा। जिससे उसकी गर्दन की हड्डी टूट गई। परिजन उसको पहले शामली हॉस्पिटल ले गए। वहां से मेरठ रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक मेरठ में चिकित्सक न मिलने की वजह से उसे करनाल ले जाने लगे। इसी दौरान उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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वहीं, बुधवार दोपहर करीब एक बजे पीड़ित परिजनों एवं ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर ऊन-झिंझाना मार्ग स्थित सिकंदरपुर बिजलीघर पर जाम लगा दिया। वहीं, एसडीओ अनिल कुमार को प्रदर्शनकारियों ने बंधक बनाकर अपने बीच में बैठा लिया। करीब तीन बजे विद्युत निगम और ग्रामीणों में तय हुआ कि मुआवजे के रूप में इंश्योरेंस कंपनी पांच लाख रुपये पीड़ित परिवार को देगी। वहीं, करीब 15 दिन बाद फिर 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने तथा दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब तीन बजे ग्रामीणों ने जाम खोला।
अविवाहित था सुशील
सुशील के माता-पिता की काफी समय पहले मौत हो गई थी। सुशील के दो भाई और हैं। तीनों भाइयों में श्रवण की ही शादी हुई थी। सुशील अविवाहित था। एक भाई मानसिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है।
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पुलिस ने रजिस्टर कब्जे में लिया
झिंझाना थाना प्रभारी ने बताया कि मुताबिक शटडाउन लेने के बाद लाइन जोड़ने वाले कर्मचारी की भूमिका की जांच की जा रही है। शटडाउन रजिस्टर कब्जे में ले लिया है। हालांकि परिजनों की तरफ से अभी तक तहरीर नहीं मिली है।
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