शामली। पूर्वी यमुना नहर के किनारे स्थित विकास भवन की दूसरी मंजिल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। भवन में रंगाई-पुताई और कार्यालयों के दरवाजों का निर्माण एवं पेंटिंग का कार्य चल रहा है। निर्माण एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार अगले दो माह में दूसरी मंजिल को हैंडओवर कर दिया जाएगा। जिस पर किराए के भवनों में चल रहे कार्यालयों को स्थायी भवन मिल जाएंगे।
पूर्वी यमुना नहर के किनारे गोहरनी गांव में नवीन विकास भवन के निर्माण के लिए 31 मार्च 2015 को शासन ने 11 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की थी। शासन की ओर से विकास भवन के निर्माण की जिम्मेदारी राजकीय निर्माण निगम को सौंपी गई थी।
करीब तीन वर्ष पहले तत्कालीन सीडीओ विनय कुमार तिवारी के कार्यकाल में विकास भवन की दूसरी मंजिल के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई। ग्राम्य विकास विभाग की ओर से सभी बाधाएं दूर कर शासन को करीब 23 करोड़ रुपये का एस्टीमेट भेजा गया था। शासन ने करीब दो वर्ष पहले 10 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त की थी।
पिछले करीब एक वर्ष से विकास भवन की दूसरी मंजिल का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। अब अंतिम चरण में रंगाई-पुताई, दरवाजों और अन्य फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। राजकीय निर्माण निगम के सहायक अभियंता पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि अगले दो माह में विकास भवन की दूसरी मंजिल का निर्माण कार्य पूरा कर उसे हैंडओवर कर दिया जाएगा।
वहीं, सीडीओ बिजेंद्र शुक्ला ने बताया कि दूसरी मंजिल का निर्माण पूरा होने के बाद किराए पर चल रहे आरईएस, मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण, जिला विपणन विभाग समेत कई विभाग को विकास भवन में अपने स्थायी कार्यालय भवन मिल जाएंगे।