शामली, जलालाबाद । इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए जलालाबाद के अखाड़ा मोहम्मद शरीफ खा मरहूम के उस्ताद खलीफा की देखरेख में उनके शागिर्दों ने जुलूस निकालकर प्राचीन शस्त्र कला का प्रदर्शन किया।
जलालाबाद में सुन्नी समुदाय द्वारा इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए उस्ताद व खलीफाओं के नेतृत्व में कस्बे के नीलगरान चौक से शस्त्र कला का प्रदर्शन करते हुए एक विशाल जुलूस निकाला गया। जुलूस में अखाड़ा मोहम्मद शरीफ खान मरहूम व उस्ताद हनीफ खा उर्फ भूरू खां मरहूम के अखाड़े के उस्ताद आतिफ जमाल खान, फाहद जमाल खान व खलीफा रुखसार अहमद, मोहम्मद अजीम, असलम खा, शहजाद खान, फुरकान कुरैशी व शार्गिदों ने जुलूस मे प्राचीन शस्त्र कला लाठी डंडों आदि का हैरतअंगेज युद्ध कला का कुशल प्रदर्शन किया। जुलूस में जगह-जगह मार्गों पर खलीफा व खिलाड़ियों को मीठा शरबत पिलाया गया।
जूलूस कटहड़ा चौक, सगाज़ीपुरा, खैरादियान, भाईजान चौक, बंबा चौक, कुरैशियान चौक, पाल मार्केट आदि मार्गों से होते हुए वापस नीलगरान चौक पर आकर सम्पन्न हुआ। जहां पर युद्ध कला कौशल का प्रर्दशन करने वाले सर्वश्रेठ खिलाड़ियों की जोड़ी को शील्ड और मेडल देकर सम्मानित किया गया व साथ ही अन्य खिलाडियों इजहार, आबिद, परवेज, बिलाल, माबीन, शुऐब, मोनू, वरीश, आरिश, जुनैद, सोनू, अहसान आदि ने अपनी प्राचीन शस्त्र कला का प्रदर्शन कर देखने वालों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या मे लोग शामिल रहे। प्रशासन की सख्ती के चलते अखाड़े में धारदार हथियार से करतब नहीं दिखाई गए। जुलूस में भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
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