बकाया भुगतान, ब्याज और गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल की मांग, आंदोलन की चेतावनी
गन्ना समिति परिसर में आयोजित हुई किसान महापंचायत में बोले सरदार वीएम सिंह
पंचायत के दौरान डीसीओ को किसानों ने अपने बीच बैठाया
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। किसान संघर्ष समिति के बैनर तले गन्ना समिति में चल रहे धरने के 24वें दिन बुधवार को किसानों की महापंचायत हुई। दोपहर 12 बजे धरना स्थल पर पहुंचे किसान नेता सरदार वीएम सिंह ने जातीय पहचान से ऊपर उठकर किसान के रूप में एकजुट होने की अपील की। कहा कि गुर्जर, सैनी, जाट या ब्राह्मण बनने से पहले किसान की पहचान जरूरी है।
उन्होंने कहा कि किसानों के संगठित होने पर ही फसल के उचित मूल्य, बकाया भुगतान और ब्याज जैसे मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाया जा सकता है। उन्होंने बकाया भुगतान, ब्याज और गन्ना मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल दिए जाने की मांग की और चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी नहीं होती तो किसान आंदोलन करने को मजबूर होंगे। पंचायत के दौरान डीसीओ रणजीत कुशवाहा को किसानों ने अपने बीच बैठाए रखा।
सरदार वीएम सिंह ने कहा कि किसान किसी एक व्यक्ति पर निर्भर रहने के बजाय अपने दस्तावेज, न्यायालय के आदेश और सरकारी नीतियों को पढ़कर अपने अधिकारों को समझें। किसानों को खुद अपने हक की लड़ाई के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय राजनीतिक दल किसानों के हित की बातें करते हैं, लेकिन चुनाव के बाद उनकी समस्याओं को लेकर उतनी सक्रियता दिखाई नहीं देती। उन्होंने किसानों से लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की।
वीएम सिंह ने चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति और घाटे के दावों पर भी सवाल उठाते हुए किसानों से कहा कि मिल मालिक भुगतान या मिल बंद करने की बात कहें तो आंकड़ों और दस्तावेजों के आधार पर सवाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान को हमेशा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के रूप में देखने की सोच बदलनी होगी। किसान की आय इतनी होनी चाहिए कि वह बेहतर जीवन जी सके, बच्चों को अच्छी शिक्षा दिला सके और खेती को लाभकारी व्यवसाय बना सके।
उन्होंने कहा कि किसानों को चुनावी घोषणाओं या सहायता के बजाय फसल का उचित मूल्य और समय पर भुगतान चाहिए। वीएम सिंह ने गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि गन्ने का मूल्य तय करते समय उत्पादन लागत, चीनी के दाम और चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति का वैज्ञानिक आकलन किया जाना चाहिए। चीनी की कीमत बढ़ने के साथ किसानों की फसल के मूल्य में भी उचित वृद्धि होनी चाहिए।
महापंचायत में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। इस दौरान किसानों ने किसान एकता और अपने अधिकारों के समर्थन में नारे लगाए। पंचायत में धरना जारी रखने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर परमवीर शास्त्री, सुक्रमपाल सिंह, विनय कुमार, सतीश कुमार, सौरम सिंह आदि मौजूद रहे।
शामली गन्ना समिति परिसर में पंचायत में मौजूद किसान। संवाद
शामली गन्ना समिति परिसर में पंचायत में मौजूद किसान। संवाद