शामली। भारी वाहनों के गुजरने से मेरठ-करनाल हाईवे टूटने लगा है। जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं। इस कारण आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मेरठ करनाल फोरलेन हाईवे का निर्माण हुए अभी डेढ़ साल बीता है। इस मार्ग से हरियाणा, पंजाब और वेस्ट यूपी के भारी वाहन दौड़ रहे हैं। भारी वाहनों का आवागमन बढ़ने से हाईवे जगह जगह क्षतिग्रस्त होने लगा है। शामली शहर के विजय चौक से लेकर बिड़ौली बॉर्डर तक कई जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिस कारण हादसों का खतरा बन रहा है।
यही हाल शामली से लेकर मुजफ्फरनगर और मेरठ की तरफ हो रहा है। मेरठ करनाल और पानीपत खटीमा हाईवेे से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रक गुजरते हैं, जो रेत, रोड़ी और डस्ट से लदे होते हैं।
इन वाहनों में नियमों के विरुद्ध ओवरलोडिंग की जाती है, बावजूद इसके सड़कों की दशा बिगाड़ने में भूमिका निभाने वाले ओवरलोड वाहनों के खिलाफ एआरटीओ, प्रशासन और पुलिस कार्रवाई नहीं कर पा रही है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह ने बताया कि मेरठ- करनाल फोरलेन की निर्माण एजेेेंसी का पांच साल तक सड़क मरम्मत का अनुबंध है, निर्माण एजेेंसी को मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिया-सड़क के बीच बन गया गहरा गड्ढा
पानीपत खटीमा मार्ग पर शहर के विजय चौक पर नगर पालिका परिषद की ओर से नाला निर्माण के लिए सड़क और नाले के बीच गहरा गड्ढा बन गया है। जिससे ई- रिक्शा जैैसे छोटे वाहनों के पलटने का खतरा बना हुआ है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी लालचंद भारती का कहना है कि सड़क और नाले को समतल करने का काम किया जाएगा।