शामली। बीएसए ने जिला समन्वयक पर गंभीर आरोप लगाए है। उनका कहना है कि कोई भी फाइल मांगी जाती है तो अभद्रता करता है। उसका व्यवहार कार्यालय में ठीक नहीं है। इसके कारण कार्य करने में काफी दिक्कत हो रही है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो डीसी पटल के सभी कार्य बाधित हो सकते हैं। उन्होंने महानिदेशक को पत्र भेजकर जिला समन्वयक को हटाने की मांग की है। वहीं डीसी ने बीएसए द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह से गलत बताते हुए कहा कि वह अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कोमल ने बताया कि उनकी तैनाती 23 मार्च 2023 को जनपद शामली में हुई थी। कार्यभार ग्रहण करने के दो दिन बाद से ही जिला समन्वयक राजीव कुमार का व्यवहार ठीक नहीं है। यदि कोई फाइल मांगी जाती है तो अभद्रता करता है और बहाना बनाकर चला जाता है। उन्होंने बताया कि पूर्व बीएसए गीता वर्मा की ओर से भी शिकायत की गई थी। बीएसए ने बताया कि समन्वयक ने उनको कस्तूरबा विद्यालयों को बदनाम करने और वहां किसी भी तरह का कार्य नहीं करने की धमकी दी है। जिला समन्वयक से परेशान होकर ही महानिदेशक को शिकायत की गई है और उनको पद से हटाने की मांग की है। कहा कि डीएम से भी पूर्व में जिला समन्वयक के खिलाफ शिकायत की जा चुकी है। बताया कि अब उच्च स्तर पर जांच चल रही है।
यदि कमी थी तो तीन साल पहले क्यों नहीं हटाया गया
जिला समन्वयक राजीव कुमार ने कहा कि सभी आरोप बेबुनियाद है। यदि वह कार्य नहीं करते थे तो उनको तीन साल से अधिक समय तक कार्यालय में क्यों कार्य करने दिया गया। उनको पहले ही क्यों नहीं हटाया गया। अब बीएसए यहां अपनी मनमर्जी से कार्य कराना चाहती हैं। इसलिए आरोप लगाए जा रहे हैं। मैंने खुद ही जिला समन्वयक पद से इस्तीफा दे दिया है।