जलालाबाद। शुक्रवार को कस्बे के पंजाबी सत्संग भवन मंदिर कटहरा बाजार में श्रीराम नवमी के उपलक्ष में आयोजित श्रीराम कथा में कथा व्यास स्वामी राम बिहारी दास ने बताया कि कोई भी युग हो बेटियों की परीक्षा हुई है। बेटियां प्रत्येक युग में परीक्षा में सफल रही हैं। प्रकृति का नियम है कि जिसकी मृत्यु हो जाती है। उसके प्राण वापस नहीं लौट सकते। परंतु सनातन धर्म में सावित्री ने अपने तप के बल पर अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस लिए थे। उन्होंने माता सीता के विवाह के माध्यम से बताया कि राजा जनक सीता के विवाह के पश्चात ज्ञानी नहीं रह गए, बल्कि भक्त बन गए थे। विवाह पश्चात सीता को रानी सुनैना ने समझाया कि ससुराल में जाकर सास-ससुर की सेवा करना ही तुम्हारा धर्म है। कथा में बोधराज नारंग, कृष्ण कुमार वत्स, राजेंद्र भगत, रघुवीर सिंह, प्रमोद मित्तल, किशोरी शरण, अवनीश, देवराज जुनेजा, जगदीश नारंग, मुरारी आदि मौजूद रहे।