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Shamli News: बारिश से गेहूं, सरसों और आलू की फसल काे नुकसान

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बाबरी में बारिश में खेत में बिछी गेहूं की फसल।
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- कुछ दिन पूर्व बोई गई गन्ने की फसल में जमाव होगा कम
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। दिनभर हुई बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। लोग घरों में कैद होकर रह गए। बारिश के कारण बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। तेज हवा के साथ हुई बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई। गेहूं और सरसों की फसल के साथ हाल ही में बोई गई ईख की फसल को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
सुबह करीब 10 बजे से बूंदाबांदी शुरु हो गई थी। इसके बाद पूरे दिन बूंदाबांदी होती रही। जिसके चलते किसी कार्य के लिए घर से निकले लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में कीचड़ की वजह से भी लोगों को परेशानी हुई। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने मंगलवार को भी बूंदाबांदी की संभावना जताई है।
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गेहूं में 10, सरसों में 15 और आलू में 20 फीसदी का नुकसान
सोमवार को बूंदाबांदी से गेहूं की पांच प्रतिशत, सरसों की फसल को 10 से 15 प्रतिशत और आलू की फसल को 20 फीसदी नुकसान की संभावना जताई जा ही है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. विकास मलिक ने बताया कि जिले में बूंदाबांदी से गेहूं की फसल गिर गई है। जिससे से गेहूं के उत्पादन में आठ से लेकर दस प्रतिशत उत्पादन प्रभावित होगा। इसी प्रकार सरसों की फसल कटी हुई पड़ी है। जिससे सरसों की गुणवत्ता प्रभावित होगी। सरसों का उत्पादन दस से लेकर 15 प्रतिशत तक प्रभावित होगा। आलू में सड़न रोग लगने से 20 प्रतिशत प्रभावित होगा। सड़न रोग लगने से आलू शीत गृहों में रखने लायक नहीं रहेगा। कुछ दिन पूर्व बाेई गई ईख की फसल में भी जमाव कम होगा।
बारिश से गेहूं व तिलहन की फसलों को नुकसान

कैराना। सोमवार सुबह से ही आसमान में काले बादल छा गए। जिसके बाद बारिश शुरू हो गई और तेज हवा चलने लगी। जिस कारण क्षेत्र में जगह-जगह तैयार हो चुकी गेहूं व तिलहन की फसलें जमीन पर बिछ गई। बारिश से तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। तिलहन व गेहूं की फसलों के नुकसान होने के बाद क्षेत्र के किसान चिंतित हैं। किसान रमेश, अखलाक, महबूब, रामवीर, प्रवीण चौहान आदि ने बताया कि बेमौसम बारिश के कारण तैयार हो चुकी गेहूं की फसल जमीन पर लोटपोट हो गई। जिस कारण गेहूं का दाना काला पड़ने की संभावना हैं। किसानों को गेहूं व अन्य तैयार हो चुकी फसलों के नष्ट होने के कारण काफी नुकसान झेलना पड़ेगा।
बेमौसम बारिश से किसानों का नुकसान
झिंझाना। बेमौसम हो रही बरसात ने गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। सुबह 11 बजे से रुक-रुक कर हो रही बारिश शाम तक चलती रही। बारिश के साथ हवा के तेज होने से गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई। किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल को जिस समय पक कर तैयार होना था, उस समय बारिश होने से गेहूं के दाने नरम पड़ जाएंगे। खेत में नमी के कारण मच्छर पैदा होकर गेहूं के दानों से दूध जूस लेने का खतरा अधिक है। हल्दी रोग के होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता। क्षेत्र के गांव वेदखेड़ी, अशरफपुर, चौतरा, ख्वाजपुरा, पटनी परतापुर, यमुना तक कम बारिश होने से गेहूं की फसल को अधिक नुकसान नहीं है।
बेमौसम बारिश से किसानों की उम्मीदों पर फिरा पानी,फसल पर गहराया संकट


चौसाना। सोमवार को सुबह से शुरू हुई बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। किसान फसल पकने के बाद काटने की सोच रहे थे, लेकिन भारी बारिश के कारण खड़ी फसलें अब जमीन पर जा टिकी हैं। कटने को तैयार फसलों की हालत देख किसान परेशान हैं। बारिश के कारण पूरा दिन बिजली गुल रही जिससे नागरिकों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ा। वहीं भारी बारिश के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग अपने घरों में दुबके रहे।
बेमौसम बरसात से किसानों की चिंता बढ़ी

ऊन। सोमवार को तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। जिससे किसानों के माथे। किसानों की गेहूं की फसल पकने के लिए तैयार है। ऐसे में तेज बारिश होने से कटी हुई सरसों की फसलों के साथ गेहूं की खड़ी फसल भी लेटने से किसान को नुकसान होगा। पहले से ही परेशान किसान ऐसी स्थिति को लेकर और ज्यादा चिंतित है। बारिश की वजह से खेतों में नमी हो गई। इससे तेज हवा से फसल पलट गई। फसल गिरने से काफी नुकसान हो जाएगा, क्योंकि अभी गेहूं पूरी तरह से पका नहीं है। फसल गिर जाने के बाद दाना सूख जाएगा। इससे दाने का रंग काला पड़ने की आशंका है। वहीं बारिश होने से गन्ने की छिलाई और गन्ने की बुवाई भी प्रभावित हो गयी हैं। बारिश के साथ हवा चलने से मौसम में भी ठंडक बन गई हैं।
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विद्युत आपूर्ति हुई प्रभावित
बूंदाबांदी के चलते विद्युत आपूर्ति में भी प्रभावित रही। थोड़ी-थोड़ी देर में बिजली आती-जाती रही। जिसके चलते लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। बिजली गुल होने की वजह से शाम को बाजारों में अंधेरा पसरा रहा। लोग बिजलीघरों पर फोन करते रहे।
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