- पशुओं के चारे के लिए बोई गई बरसीम की फसल पर भी संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
थानाभवन। कई दिन तक हुई बारिश से गेहूं की फसल को तो नुकसान पहुंचा ही है, सब्जी की खेती करने वाले छोटे किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। कई दिन की बारिश में हरी मिर्च, टमाटर, लौकी, अरबी, बंद गोभी व पशुओं के चारे के लिए बोई गई बरसीम खेतों में कई दिन पानी भरने से नष्ट होने के कगार पर पहुंच गई है।
गेहूं की अगेती फसल और धान की बुआई करने वाले किसानों को ही इस बारिश से लाभ हुआ है। पिछले सप्ताह लगातार चार दिन तक हुई बरसात से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था। भारी बरसात के कारण क्षेत्र के तीस प्रतिशत किसानों खेतों में पानी भरने से गेहूं की फसल खराब हो गई थी। बारिश के कारण ग्राम लतीफगढ़, तितारसी, रसीदगढ़, मरगूबगढ़, वकीलगढ़, मुल्लापुर के साथ-साथ नगर के खेतों में पानी भर गया।
वहीद अहमद, योगेश कश्यप, लिल्लू, महेंद्र सैनी, रामानंद ने बताया खेतों में इस समय हरी मिर्च, लौकी, अरबी, बंद गोभी, टमाटर, की फसलें तैयार खड़ी थी। बरसात के कारण खेतों में पानी भरने के कारण सबसे ज्यादा नुकसान टमाटर, अरबी, हरी मिर्च, की फसल को हुआ है। फसलें पानी के कारण नीचे गिर गई हैं। बारिश से पूर्व दवाइयों का छिड़काव किया था। सब बेकार हो गया है। अब तेज धूप निकलने से कुछ उम्मीद जगी है। किसान ब्रह्मानंद ने बताया बारिश का पानी खेत में भरने के कारण पशुओं का चारा बरसीम की काफी हद तक खराब हो गई है। मौसम ठीक रहा तो कुछ फसल ठीक होने की उम्मीद है।