हमले के बाद आरोपियों ने जितेंद्र को मरणासन्न हालत में रेत में गाड़ दिया और रस्सी से बांधकर भाग निकले। रातभर जब वह घर नहीं लौटा, तो परिजनों को चिंता हुई। अगले दिन सुबह पुलिस को सूचना दी गई और तलाश शुरू हुई। परिजन जब यमुना किनारे पहुंचे तो रेत में दबा हुआ जितेंद्र उन्हें मिला।
स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से युवक को बाहर निकाला गया और गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि झिंझाना थाने पर रिपोर्ट देने के बावजूद पुलिस ने शुरुआत में मामूली मारपीट मानते हुए केस दर्ज नहीं किया।
बाद में परिजन घायल को लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे। एसपी रामसेवक गौतम के निर्देश पर पुलिस ने शुक्रवार को पीड़ित की पत्नी पिंकी की तहरीर पर सद्दाम, मंगा और दो अज्ञात के खिलाफ SC/ST एक्ट और IPC की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। भाजपा नेता घनश्याम पारचा, प्रधानपति सुनित, अफसर और कई ग्रामीण थाने पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस का कहना है कि जल्द ही कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।