थानाभवन। पांच सौ और एक हजार रुपये के नोटबंदी के 12वें दिन भी नोट जमा करने वालों और निकालने वालों की मारामारी रही। ज्यादातर उपभोक्ता कैश न मिलने के कारण मायूस लौटे। कैश की किल्लत से ग्राहकों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं।
नगर की ओरियंटल बैंक, पंजाब नैशनल बैंक और स्टेट बैंक में ग्राहकों की सबसे अधिक भीड़ रही। कुछ लोगों ने कहा कि बैंक खातों से वे कम से कम 24000 रुपये लेने की उम्मीद में पहुंचे।
मगर दस हजार रुपये ही दिए गए। इसे लेकर कई बार बैंकों के बाहर हंगामा होता रहा। एसबीआई में उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब घंटो लाइन में लगे उपभोक्ताओं ने बैंक के अंदर दो भाजपा नेताओं को देखा। उन्होंने बैककर्मियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि वे चार-चार घंटे से बाहर खड़े हैं। इसके बावजूद भाजपाइयों को मनमाने ढंग से नगदी दी जा रही है। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उपभोक्ताओं को शांत किया।
उधर, पंजाब नेशनल बैक के शाखा प्रबंधक सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया बैक में अधिकतम दस लाख की नकदी आई है जबकि बैक से लेने वालों की मांग चालीस से पचास लाख रुपये तक है। ऐसे मे 24 हजार की नकदी लेने वालों को कम पैसा देकर अधिक ग्राहकों को लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शनिवार तक किसी भी शादी विवाह वाले ग्राहक ने पैसा नहीं मांगा। जितनी नकद करेंसी आ रही है, उसे ग्राहको को दिया जा रहा है।
बैंक पर व्यापारियों ने पिलाई चाय ः बाबरी। पंजाब नेशनल बैंक पर सुबह छह बजे से ही जबरदस्त भीड़ रही। लोगों की इस परेशानी को देखते हुए शनिवार को बाबरी के पूर्व बीडीसी एवं व्यापारी हितेष मित्तल सहित अन्य व्यापारियों ने लोगों को खानपान सामग्री वितरित की। इस दौरान हितेष मित्तल, प्रिंस मित्तल, संजय सिंघल, हरीश कुमार, योगेश, सोनू शर्मा आदि मौजूद रहे।
पुराने नोटों के बदले अधिक बिल पर हंगामा
कैराना। रमाला थाना क्षेत्र के गांव असारा निवासी अल्लामेर गांव भूरा के एक ईंट भट्टे का लेबर ठेकेदार है। शुक्रवार को वह चौक बाजार स्थित एक परचून की दुकान पर पहुंचा और लेवर के लिए परचून का सामान खरीदा। अल्लामेर के पास पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट थे। इसका पता चलने पर दुकानदार ने अल्लामेर को 60 हजार रूपए का सामान बांध कर दे दिया और बदले में 28 हजार रुपए अधिक का हिसाब जोड़कर 88 हजार रुपये के पुराने नोट ले लिए।
अल्लामेर उस समय तो सामान को ले गया। लेकिन जब उसने सामान का बिल देखा तो रेट अधिक लगाने का आभास हुआ। इसके बाद शनिवार को अल्लामेर अपने साथियों के साथ परचून के व्यापारी के पास पहुंचा तथा सामान के रेट अधिक लगाने की बात कही। उधर, दुकानदार का कहना था कि उसने बदले में पुराने नोट लिए हैं। इस बीच दोनों के बीच विवाद बढ़ गया तथा मौके पर भीड़ जमा हो गई।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तथा दोनों पक्षों को कोतवाली ले आई। बाद में ईंट भट्टा मालिक और कुछ व्यापारी भी कोतवाली पहुंच गए। काफी देर हंगामे के बाद दोनों पक्षों को समझा कर मामला शांत कराया गया। कोतवाली प्रभारी एपी भारद्वाज ने बताया कि व्यापारी ने 28 हजार रुपये वापस कर दिए।