शामली। जिले के लोगों को साल 2022 में भी पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिली है, जिस वजह से मरीजों गंभीर रोगों की जांच कराने व उपचार कराने के लिए निजी चिकित्सकों के यहां या फिर दूसरे शहरों में महंगा उपचार कराना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में अभी तक मरीजों के लिए कई जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं इस साल भी शुरू नहीं हो सकी है।
गांव मुंडेट के सामने नहर पटरी पर करीब साढ़े 39 करोड़ की लागत से जिला संयुक्त चिकित्सालय के भवन का निर्माण हुआ था। पिछले साल नवनिर्मित भवन स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित हो गया था। पिछले साल 16 अगस्त से ओपीडी शुरू कर अस्पताल चालू किया गया था। इसके बाद लोगों को उम्मीद जगी थी कि जिला अस्पताल में सभी तरह की सुविधाएं मरीजों को मिलेगी। लेकिन साल 2022 में भी लोगों को उपचार की पूरी सुविधाएं नहीं मिल सकी है। जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट और पैथोलोजी लैब की सुविधा उपलब्ध हुई। पिछले सप्ताह ओटी शुरू की गई।
सीटी स्कैन यूनिट का प्रस्ताव शासन स्तर पर स्वीकृत होने के बाद यह सुविधा चालू नहीं हो सकी जबकि अस्पताल में इसके लिए जगह भी चयनित हो चुकी है। इसके अलावा ब्लड बैंक भी चालू नहीं हो सका। इसके लिए रिपोर्ट भी शासन को भेजी जा चुकी है। सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट भी चालू नहीं हुई। इस यूनिट में पिछले साल मशीनें लगाई गई थी। ये मशीनें पूरे साल धूल फांकती रही और इनका इस्तेमाल नहीं हो सका। जिला अस्पताल में प्रसव की सुविधा भी इस साल शुरू नहीं हो सकी। अल्ट्रासाउंड की सुविधा जिला अस्पताल से लेकर किसी भी सीएचसी पर उपलब्ध नहीं हो सकी। जिला अस्पताल में जांच और गंभीर रोगों के उपचार की सुविधा इस साल भी नहीं मिल सकी, जिस कारण मरीजों को निजी अस्पतालों में या फिर दूसरे शहरों में महंगा इलाज कराने को मजबूर होना पड़ रहा है।