शामली जिला अस्पताल में उपचार कराने के लिये मरीजों की लगी भीड
शामली। जिला अस्पताल में रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को मरीजों की भीड़ रही। ओपीडी में चिकित्सक नदारद रहने से मरीज परेशान रहे। कक्ष में कई चिकित्सकों के कक्ष खाली पड़े रहे। मरीजों को चिकित्सकों का इंतजार करना पड़ा। इलाज के लिए मरीज इधर से उधर भटकते रहे। ओपीडी में करीब एक हजार मरीज पहुंचे।
अस्पताल में सुबह से ही मरीजों का पहुंचना शुरू हो गया था। सुबह दस बजे तक मरीजों की भीड लग गई। ओपीडी में कई चिकित्सक देर से पहुंचे तो कई चिकित्सक अपने कक्ष में नहीं मिले। चिकित्सक के न होने के कारण मरीज उनके इंतजार में लाइन में खड़े रहे। मरीजों को इलाज के लिए एक से डेढ़ घंटे का समय लगा। कई कक्ष में चिकित्सकों की खाली कुर्सी रही। वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. अशोक कुमार ने बताया ओपीडी में डॉ. रामनिवास, डॉ. दक्षिरा, डॉ. समद अली, डॉ. नरेश सैनी समेत सभी चिकित्सक मौजूद रहे। एक-दो चिकित्सक थोड़ा देरी से पहुंचे थे। उन्होंने बताया डॉ. शबीब नहीं आए थे और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. कर्मवीर मेरठ जरूरी काम से गए हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में दिव्यांग जांच प्रमाण पत्र शिविर होने के कारण गठित मेडिकल बोर्ड में भी कई चिकित्सकों की ड्यूटी रहती है। उन्होंने बताया अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों की जांच कर दवा उपलब्ध कराई गई है।
डीएम रविंद्र सिंह का कहना है कि नदारद रहने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिर से छापामारी कराई जाएगी। यदि चिकित्सक नदारद रहने से बाज नहीं आते तो रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
डॉ. केके आहूजा ने संभाला सीएमएस का कार्यभार
शामली। शासन से नियुक्त हुए डॉ. केके आहूजा ने सोमवार को जिला अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक का पदभार संभाल लिया है। डॉ. आहूजा वर्तमान में जिला अस्पताल में रेडियोलोजिस्ट के पद पर दो साल से कार्यरत थे। वर्तमान में वरिष्ठ परामर्शदाता बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार पिछले एक महीने से मुख्य चिकित्सा अधीक्षक का कार्यभार देख रहे थे।
शामली जिला अस्पताल में उपचार कराने के लिये मरीजों की लगी भीड