इनमें 70 ग्राम पंचायतों में कक्षा पांच तक ही परिषदीय स्कूल हैं। ऐसे में कक्षा पांच उत्तीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर संकट खड़ा हो गया है कि वह कक्षा छह में दाखिला कैसे लें। उनके गांव में माध्यमिक स्कूल ही नहीं है और ऐसे में प्राइवेट स्कूलों में दाखिला लेंगे तो परिवार पर अधिक भार पड़ेगा।
सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या घटने का खुलासा शिक्षा विभाग की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार कक्षा पांच उत्तीर्ण कर चुके छात्र-छात्राओं के गांव में आगे की पढ़ाई के लिए स्कूल नहीं है। इसके कारण छात्र-छात्राओं की नामांकन में संख्या घटी है।
कई गांवाें में कक्षा पांच के बाद स्कूल न होने के कारण छात्रों के नामांकन में कमी आई है। इसलिए अप्रैल माह में नामांकन की संख्या 71711 है। कक्षा आठ के बाद तो छात्र वैसे ही दूसरे स्कूल में दाखिला लेते हैं, लेकिन कक्षा पांच उत्तीर्ण छात्रों को दूसरे गांव में जूनियर हाईस्कूल में दाखिला लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। -अमित कुमार, जिला समन्वयक शामली।