शामली। यूं तो नशीले पदार्थों की सप्लाई के लिए कैराना और झिंझाना बदनाम रहा है, मगर नशीले पदार्थों की खेप पंजाब से आती रही है। कई बार पंजाब से लाई गई नशीले पदार्थ की खेप जिले में पकड़ी गई। वहीं, पलविंदर और ड्रग्स माफिया प्रेमा से उसके गहरे संबंधों के साथ ही वेस्ट यूपी में पलविंदर की
सक्रियता से आशंका पैदा हो गई है कि पंजाब के ड्रग्स माफिया वेस्ट यूपी में अपना नेटवर्क खड़ा करना शुरू कर दिया है।
दरअसल, डेढ़ महीना पूर्व ही आदर्श मंडी थाना पुलिस ने सहारनपुर की तरफ से आई होंडा सिटी कार को किरोड़ी मोड़ के पास बरामद किया। उसमें करीब एक क्विंटल डोडा पोस्त लदा हुआ था। उक्त होंडा सिटी हरियाणा नंबर की थी। इसके अलावा तीन महीना पूर्व झिंझाना थाना क्षेत्र में एसटीएफ ने भूरा गांव निवासी मुमताज सहित कई आरोपियों को ढाई क्विंटल डोडा पोस्त के साथ गिरफ्तार किया गया। वह डोडा पोस्त पंजाब से लाना गया गया था। इसके अलावा भी पूर्व में मादक पदार्थों के कई मामले पकड़ में आए, जिनमें पंजाब अथवा हरियाणा से मादक पदार्थ भेजने की बातें सामने आईं।
शामली जनपद के झिंझाना और कैराना क्षेत्र में मादक पदार्थों की बिक्री बड़े पैमाने पर होती है। कैराना क्षेत्र का गांव भूरा इस अवैध कारोबार के लिए बहुत बदनाम है। गांव के प्रधान ने नशाखोरी के खिलाफ अभियान भी चलाया हुआ है। इन सब बातों के बीच रविवार को कैराना में गिरफ्तार किए गए पलविंदर से पूछताछ में खुलासा हुआ कि ड्रग्स माफिया प्रेमा से उसके गहरे संबंध हैं। मार्च 2016 में फरार होने के बाद कई महीने से पलविंदर देहरादून में रह रहा था, मगर उसका आवागमन वेस्ट यूपी में खासकर सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली में बढ़ गया था। यहीं से होकर वह हरियाणा और पंजाब की तरफ जाता
था।
जाहिर है कि देहरादून में रहते हुए उसने वेस्ट यूपी में ड्रग्स माफिया के लिए नेटवर्क खड़ा करने का प्रयास किया हो। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है, जिसमें पलविंदर के संबंध शामली अथवा मुजफ्फरनगर में किसी से रहे हों।
मोबाइलों की बैटरी में लगा दिया कागज
पलविंदर ने खुद को बचाए रखने के लिए एक और तरीका अपनाया। उसके पास चार मोबाइल फोन थे। चारों फोन की बैटरी और जैक के बीच में उसने कागज फंसा रखा था, जिस कारण वह फोन बंद थे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने भी काफी देर तक मोबाइल फोन स्टार्ट करने का प्रयास किया, जब मोबाइल फोनों का बैक कवर हटाकर देखा, तो उसमें बैटरी के पास कागज लगा मिला, जिस कारण बैटरी से मोबाइल तक करंट पहुंच ही नहीं पा रहा था। कागज हटाकर मोबाइल स्टार्ट किया, तब पुलिस को उन मोबाइल की कॉल डिटेल तथा अन्य जानकारी हासिल हो सकी।