शामली। सात माह पूर्व सहारनपुर रोड पर लावारिस मिला मानसिक रोगी बांग्लादेश का रहने वाला है। झिंझाना रोड स्थित अपना घर आश्रम में उपचार के बाद उसकी मानसिक स्थिति ठीक हुई, जिसके बाद उसने अपना नाम पता आश्रम प्रबंधक को बताया। अब सवाल है कि यदि युवक वास्तव में बांग्लादेशी है, तो उसे शामली कौन लाया और यहां तक कैसे पहुंच गया। खुफिया विभाग इसकी जांच करने में जुटा हुआ है।
सात अप्रैल 2015 को गांव सिक्का में घायल अवस्था में उठवाकर अपना घर आश्रम पहुंचाया था। उसकी मानसिक हालत भी ठीक नहीं थी। अपना घर आश्रम में सात माह के उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार आने लगा है। उसने अपना नाम मायनूस बताया है। दो दिन पूर्व असम में तैनात रहे शामली निवासी वैज्ञानिक डॉ. अमित शर्मा भी अपना घर आश्रम पहुंचे और मायनूस से बातचीत की। डॉ. अमित शर्मा ने मायनूस की भाषा को समझा। उन्होंने बताया कि युवक बांग्लादेश के जिला दिनाजपुर के गांव उड़ना पांड़ा का रहने वाला है।
मायनूस ने यह भी बताया कि परिवार में उसकी पत्नी और चार बच्चे हैं। अब वह अपने घर जाना चाहता है। हालांकि उसके पास पासपोर्ट अथवा वीजा नहीं है। अपना घर आश्रम प्रबंधन ने इस बारे में पुलिस और खुफिया विभाग को भी सूचना दे दी है। एसपी विजय भूषण का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। युवक के बारे में एलआईयू से जांच कराई जाएगी।