शामली के कैराना के गांव जंधेड़ी निवासी 20 बीघा जमीन के किसान हाशिम के सात बेटों में सबसे बड़ा 30 वर्षीय साबिर 10 साल पहले गांव में ही मजदूरी करता था। इसके अलावा ट्रैक्टर चलाता था। धीरे-धीरे साबिर कग्गा गैंग के संपर्क में आया और देेेखते ही देखते कुख्यात बदमाश बन गया।
जंधेड़ी निवासी साबिर पहले गांव में सीधा-सादा युवक था। गांव में वह मेहनत-मजदूरी करता था और इसके लिए ट्रैक्टर भी चलाता था। 2011 में मामूली बात हुई मारपीट के दौरान उसने एक युवक को बुरी तरह पीट दिया था। जिसके बाद उस पर पहला मुकदमा कैराना थाने पर 2011 में मारपीट का दर्ज हुआ था। उसी साल कग्गा गैंग ने 2011 में ही खुरगान निवासी काला उर्फ भलेरिया की मुखबिरी के शक में बिजलीघर के पास हत्या कर दी थी। इसमें साबिर का नाम भी सामने आया था। जिसके बाद पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कग्गा के एनकाउंटर के बाद साबिर जेल से बाहर आया तो उसने मुकीम के साथ मिलकर गैंग चलाया और देखते ही देखते लूट, डकैती, हत्या, रंगदारी का वारदात की।
कैराना में 24 अगस्त 2014 में साबिर ने मुकीम गिरोह के साथ मिलकर दिन दहाड़े सीओ ऑफिस के सामने आयरन व्यापारी ममेरे भाई राजेंद्र व शिवकुमार की रंगदारी नही देने पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर हत्या के बाद वह कैराना क्षेत्र में लोगों के जेहन में घर कर गया। साबिर ने सहारनपुर में तनिष्क शोरूम डकैती, राजस्थान में पेट्रोल पंप लूट, 2013 में देवबंद में डकैती, 2015 में खुरगान में वॉलीबाल खेलते समय कल्लू की हत्या आदि घटनाओं को अंजाम दिया था। साबिर के ऊपर राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और यूपी में कुल 68 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
गांव में पसरा सन्नाटा, कोई बोलने को तैयार नहीं
शामली। एनकाउंटर में एक लाख के इनामी बदमाश साबिर के मारे जाने पर बुधवार को गांव जंधेड़ी में सन्नाटा पसरा रहा। गलियां सुनसान रहीं तथा साबिर के घर पर गांव के कुछ लोग मौजूद रहे। घटना को लेकर परिवार के लोग और ग्रामीण कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
मंगलवार रात गांव जंधेड़ी में साबिर और उसके साथी बदमाशों की पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ में एक लाख के इनामी बदमाश साबिर को पुलिस ने मार गिराया। वहीं, बुधवार सुबह गांव का नजारा ही कुछ अलग था। साबिर के घर के आसपास की तमाम गलियां सूनी पड़ी हुई थी। लोग अपने घरों में बैठे थे। वहीं, साबिर के घर पर जरूर कुछ लोग मौजूद थे, लेकिन उनमें से कोई भी व्यक्ति घटना को लेकर बोलने की स्थिति में नहीं था।
कैराना के व्यापारियों को मिली राहत
मुकीम काला गैंग के शातिर बदमाश साबिर जंधेड़ी के मारे जाने से कैराना और आसपास के उन लोगों को राहत मिली, जो इस गैंग की वजह से दहशत में रहते थे। दरअसल, मुकीम काला गैंग ने कैराना क्षेत्र में व्यापारियों से कई बार रंगदारी मांगी थी, जिससे दहशत व्याप्त हो गई थी। वहीं, मंगलवार रात मुठभेड़ में पुलिस ने साबिर जंधेड़ी को मार गिराया, तो यह सूचना जिले भर में फैल गई। कैराना के लोग दबी जुबान में कह तो रहे हैं कि आतंक का अंत हो गया, लेकिन खुलकर बोलने से लोग बच रहे हैं।