अल्लीपुर(फतेहपुर)। अवैध खनन की शिकायत पर बुधवार की दोपहर एसडीएम सदर अवनीश राय ने पड़ताल की। ग्राम समाज की जमीन का समतलीकरण न होने से अवैध खनन की पुष्टि हुई है। मिट्टी की खुदाई कराने वाले प्रधान से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब से संतुष्ट न होने पर प्रशासन अग्रिम कार्रवाई करेगा।
एसडीएम अवनीश राय को दो दिन पहले भदबा गांव में अवैध खनन की शिकायत मिली थी। आरोप था कि ग्राम समाज की आरक्षित जमीन को प्रधान राजकुमारी जरूरतमंदों से रुपये लेकर उसका आवंटन करने के प्रयास में हैं। इसी मामले में एसडीएम दोपहर डेढ़ बजे मलवां एसओ अनूप सिंह के साथ भदबा पशु अस्पताल के पास पहुंचे।
मौके पर जेसीबी मशीन के चलने के निशान मिले है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रधानपति ग्राम समाज की जमीन का समतलीकरण करा रहे हैं। एसडीएम ने प्रधान पति चुन्नू सिंह परिहार को मौके पर बुलाया लेकिन वह नहीं आए। उन्होंने लेखपाल को बुलाकर खनन के दायरे की पैमाइश कराई गई। एसडीएम ने बताया कि प्रारंभिक पड़ताल में कुछ घन मीटर में ही सही अवैध खनन की बात सामने आई है।
उधर, प्रधानपति का कहना है कि हरिजन बस्ती की तरफ के ग्रामीण जमीन का समतल करा रहे थे।
बारह खंडाें के लिए सामने आए आवेदक
- 49 खंडों के लिए होनी हैं मौरंग के ई-टेंडर
- डीएम के न रहने से आगे मिलेगी हरी झंडी
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। मौरंग की ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के तहत बुधवार को सिर्फ 12 खंडों के लिए आवेदक सामने आए। 37 खंडों के लिए टेंडर को आवेदक नहीं आए। ऐसेे में शेष खंडों की री टेंडरिंग होनी तय है।
कलक्ट्रेट के गांधी सभागार में शाम साढ़े छह बजे से ई टेंडरिंग प्रक्रिया शुरू हुई। डीएम कुमार प्रशांत के शुक्रवार को लखनऊ चले जाने के कारण एडीएम वित्त एवं राजस्व जगदीश सिंह व वरिष्ठ कोषाधिकारी साहित्य कुमार कटियार की मौजूदगी में टेंडर खोले गए। जिले के 49 खंडों की टेंडरिंग प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए सिर्फ 12 खंडों के आवेदक आए। सभी आवेदन अपलोड होंगे। शेष बचे 37 खंडों पर किसी प्रकार का निर्णय नहीं लिया जा सका। ऐसे में शेष खंडों के लिए आगे री टेंडरिंग कराई जाएगी।
अवैध मौरंग खनन पर राजस्व निरीक्षक, लेखपाल जिम्मेदार
खागा (ब्यूरो)। अवैध मौरंग खनन पर एसडीएम ने कड़ा रूख अपनाया। बुधवार को सभी राजस्व निरीक्षकों को अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। एसडीएम सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि स्वीकृत पट्टा क्षेत्र के अलावा अतिरिक्त अन्य किसी स्थल पर अवैध खनन न हो। इसके लिए लगातार भ्रमण किया जाए। अवैध खनन की शिकायत मिलने पर जांच के बाद संबंधित लेखपाल और राजस्व निरीक्षकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।