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यूपी के किसानों को दौड़ा कर पीटा

Sat, 06 May 2017 12:27 AM IST
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
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fight - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कैराना। सीमा विवाद में शुक्रवार को हरियाणा के लोगों ने यूपी के किसानों पर हमला कर दिया। इसमें यूपी के गांव मवी के कई ग्रामीण घायल हो गये। हरियाणा के लोगों की ओर से फायरिंग करने का भी आरोप है। सीमा पर हुए खूनी संघर्ष की सूचना पर पहुंची हरियाणा के सनौली थाने और यूपी के कैराना थाने की पुलिस ने स्थिति को विस्फोटक होने से बचाया। गांव मवी के प्रधान दिलशाद ने कोतवाली में मामले की तहरीर दी है।
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यूपी के गांव मवी के किसानों की हजारों बीघा जमीन यमुना की धारा के बदलने से यमुना पार चली गई। इस पर हरियाणा के गांव रीशपुर, नन्हेडा और सनौली के किसान जबरन कब्जा करते आ रहे है। वहीं जमीन पर कब्जे को लेकर कई दिनों से दोनों प्रदेशों के किसानों के बीच तनातनी चली आ रही थी। बृहस्पतिवार को भी मवी के किसानों ने यमुना पार जाकर अपनी 10-12 बीघा जमीन को जोता था। आरोप है कि उस समय रीशपुर के सरंपच ने फोन करके धमकी दी थी।

शुक्रवार को ग्राम मवी के दर्जनों किसान अपनी जमीन जोतने के लिए ट्रैक्टर साथ लेकर हरियाणा के गांव रीशपुर की सीमा के पास पहुंचे। इसी दौरान रीशपुर के सैकड़ों लोगों ने लाठी डंडों से लैस होकर यूपी के किसानों पर हमला कर दिया। 
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मवी के प्रधान दिलशाद और ग्रामीण शिवकुमार ने बताया कि हरियाणा के कुछ युवक हाथों में तमंचे लिए हुए थे तथा मौके पर तीन चार हवाई फायर भी किए। इससे मौके पर दहशत फैल गई। 

कुछ देर बाद वहां हरियाणा के सनौली थाने की पुलिस की तीन गाड़ियां पहुंची और क्षेत्रीय लोगों का साथ देते हुए यूपी के किसानों को वहां से भगा दिया।  जबकि सूचना पर कैराना कोतवाली पुलिस काफी देर से वहां पहुंची। बताया कि हरियाणा के लोगों द्वारा किए गये हमले में गजेंद्र सिंह, उसका पिता अतर सिंह, जब्बार, दाताराम, भंवर सिंह और पूरण घायल हो गये। 

इसके बाद मवी के ग्रामीण ट्रैक्टर ट्राली में कैराना कोतवाली पहुंचे, जहां पर ग्राम प्रधान दिलशाद ने कोतवाली में हरियाणा के लोगों के विरुद्ध तहरीर दी। पुलिस ने सभी घायलों का मेडिकल कराया। 

कोतवाली प्रभारी राज कुमार शर्मा ने बताया कि मौके पर जाने के बाद वो हरियाणा के सनौली थाने के एसएचओ से भी मिले थे। हरियाणा के गांव रीशपुर के भी कुछ लोग घायल हुए है। मामले में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।

हरियाणा प्रशासन करता है पक्षपात
मवी के ग्राम प्रधान दिलशाद और किसान शिवकुमार का आरोप है कि जमीन यूपी के किसानों की जमीन पर हरियाणा के लोग अवैध कब्जा करते हैं। हरियाणा पुलिस प्रशासन खुलकर वहां के लोगों के अवैध कब्जे का समर्थन करता है।

शुक्रवार को झगडे़ के कुछ देर बाद ही हरियाणा पुलिस की तीन गाड़ियां मौके पर आ गई थीं और पुलिसकर्मी यूपी के लोगों के पीछे लाठियां लेकर दौड़ पडे़ं, जबकि हरियाणा के किसानों को कुछ नहीं कहा। किसानों ने 100 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना दी तो कहा गया कि 100 डायल गाड़ी में जीपीएस लगा होने के कारण वे यमुना के पार नहीं जा सकतीं। बाद में कैराना कोतवाली से लेकर एसपी शामली तक को फोन किया गया तब जाकर काफी देर के बाद कैराना पुलिस की गाड़ी मौके पर पहुंची। 

70 के दशक से चल रहा सीमा विवाद
शामली/कैराना। 1970 के दशक से यूपी-हरियाण सीमा पर बसे गांवों के लोगों के बीच सीमा विवाद है। इसको लेकर कई बार खूनी संर्घष हो चुके हैं। दरअसल 1970 से पहले यमुना नदी की धारा को मानकर केंद्रीय सर्वे कराया गया था और धारा के एक ओर यूपी तथा दूसरी ओर हरियाणा के गांवों की भूमि सिजरे में अंकित कर दी गई थी।

सीमा पर बड़े-बड़े पिलर लगा दिए गए थे, लेकिन उसके बाद 1970 में यमुना में आई बाढ़ से पिलर बह गए थे और यमुना की धारा कई किलोमीटर यूपी की तरफ आ गई थी। जिसके बाद से यूपी के किसानों की हजारों बीघा भूमि यमुना पार चली गई थी, जबकि हरियाणा के गांवों के लोग इस जमीन को अपनी बताते हैं। इसी जमीन को लेकर अक्सर दोनों ओर के किसान आपस में टकराते रहते हैं। इस भूमि पर हरियाणा के रीशपुर, नन्हेड़ा और सनौली के किसान कब्जा करते चले आ रहे हैं। कई बार दोनों राज्यों के उच्चाधिकारियों की बैठके भी हो चुकी हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। 

दो साल पूर्व तैनात कर दी गई थी पीएसी 
दो साल पहले हरियाणा यूपी-सीमा पर पीएसी की एक प्लाटून स्थायी रूप से तैनात कर दी गई थी। जिसके कारण सीमा पर झगड़ों में कमी आ गई थी। लेकिन एक साल पहले हरियाणा यूपी सीमा से पीएसी हटा ली गई। अब यूपी  के साथ ही हरियाणा व केंद्र में भाजपा सरकार होने के बाद देखना है कि  दोनों प्रदेश व केंद्र की सरकार मिलकर किस तरह से इस समस्या का समाधान कर पाती है।

जमीन के विवाद में चलीं लाठियां
कैराना। ग्राम भूरा में कई दिनों से चले आ रहे जमीन के विवाद में दो पक्षों में जमकर लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले। इसमें पांच महिलाओं समेत दस घायल हो गए।

बृहस्पतिवार शाम ग्राम भूरा में जमीन के विवाद के चलते आस मोहम्मद को मारपीट कर घायल कर दिया था। जिस पर उसके पिता मांगा ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

मांगा और इमरान पक्ष के बीच चली आ रही तनातनी के बीच शुक्रवार दोपहर दोनों पक्ष फिर से आमने सामने आ गए। गांव के पास ही पट्टे की एक बीघा जमीन पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों में जमकर लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले। जिसमें एक पक्ष का इमरान, तसव्वर, दिलशाना, जैनूबा, हसमूदा और दूसरे पक्ष के मांगा, आस मोहम्मद, अरशद, सन्ना व जुबैदा घायल हो गए।

सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला तथा घायलों को सरकारी अस्पताल पहुंचाया। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को भी दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था। अभी तक किसी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं आई है, तहरीर आने पर कार्रवाई की जाएगी।
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