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उलझने लगा रंगदारी मांगने का मामला

Sat, 08 Apr 2017 12:15 AM IST
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
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extortion
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शामली। व्यापारी से रंगदारी मांगने का मामला लगातार उलझता जा रहा है। बृहस्पतिवार को जहां आरोपी संजय संगल ने तनाव के चलते जहर खा लिया था, तो शुक्रवार को उसकी पत्नी ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर व्यापारी आलोक कंसल और उसके भाई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस अभी तहरीर मिलने से इंकार कर रही है।
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 कमला कालोनी निवासी व्यापारी आलोक कंसल ने तीन दिन पूर्व रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि नाला रोड नया बाजार निवासी संजय संगल ने उससे रंगदारी मांगी है और डिमांड पूरी न होने पर उसे तथा उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई है। पुलिस मामले की विवेचना में लगी ही थी और पीड़ित व्यापारी आलोक कंसल का बयान भी दर्ज कर लिया गया था।

वहीं, बृहस्पतिवार शाम रंगदारी मांगने के आरोपी संजय संगल ने जहरीला पदार्थ खा लिया। इसके बाद परिजनों ने उसे कैराना रोड स्थित शांति केयर हास्पिटल में भर्ती कराया। वहां से उसे मेरठ के मोदीपुरम स्थित ग्लोबल हास्पिटल ले जाकर भर्ती करा दिया गया था। देर रात संजय संगल की हालत बिगड़ गई, जिसके चलते उसे वेंटीलेटर पर रखना पड़ा। शुक्रवार दोपहर डाक्टरों ने संजय की हालत में सुधार देखते हुए उसे वेंटीलेटर से हटाकर आईसीयू में भर्ती कर लिया। 
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उधर, शुक्रवार को ही संजय संगल की पत्नी सुमन संगल ने शामली कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि व्यापारी आलोक कंसल और उसका भाई प्रवीण वाणिज्य कर चोरी का माल मंगाते हैं। वाणिज्य कर विभाग ने चेकिंग के दौरान कार्रवाई की तो चलते उनके पति संजय संगल पर मुखबिरी का शक करते हुए झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकियां दी गई। व्यापारी को राजनीतिक और आपराधिक लोगों का संरक्षण भी मिल रहा है। लगातार धमकियां मिलने के कारण ही उसके पति ने मजबूर होकर जहर खाया। सुमन ने मांग की है कि उसके पति को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएं। 

इस मामले में कोतवाली प्रभारी उमेश रोरिया का कहना है कि उन्हें संजय संगल की पत्नी की तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली है। यदि तहरीर दी जाती है, तो उस पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

संजय  ने लिखा दो पेजों का सुसाइड नोट 
संजय ने बृहस्पतिवार को जहरीला पदार्थ खाया। उससे पूर्व तीन अप्रैल को ही दो पेजों में सुसाइड नोट लिखा, जिसमें व्यापारी आलोक  और उनके भाई प्रवीण के साथ ही कई अन्य लोगों के नाम भी लिखे, जिन पर हरियाणा, राजस्थान और अन्य प्रदेशों से वाणिज्य कर चोरी का माल मंगाने का नेटवर्क चलाने का आरोप लगाया। इसके अलावा भाजपा सांसद के बारे में लिखा कि वह बगैर सोचे समझे पुलिस प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं।
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